VISHWA MOHAN BHATT
विश्व मोहन भट्ट – जीवन और योगदान
विश्व मोहन भट्ट भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतज्ञ और विश्वविख्यात स्लाइड गिटार वादक हैं। उनका जन्म 11 जुलाई 1952 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। वे महान सितार वादक पंडित रविशंकर से संगीत की प्रेरणा पाने वाले परिवार से आते हैं। विश्व मोहन भट्ट ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को पश्चिमी वाद्य यंत्र गिटार के माध्यम से नई पहचान दिलाई।
उन्होंने पारंपरिक स्पेनिश गिटार में तकनीकी बदलाव कर एक नया वाद्य यंत्र विकसित किया, जिसे “मोहन वीणा” कहा जाता है। इस वाद्य में अतिरिक्त तार और विशेष संरचना होती है, जिससे रागों की शुद्ध अभिव्यक्ति संभव हो पाती है। मोहन वीणा के माध्यम से उन्होंने मींड, गमक और अन्य भारतीय शास्त्रीय अलंकारों को गिटार पर सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया।
विश्व मोहन भट्ट ने देश-विदेश में अनेक संगीत कार्यक्रम किए हैं और भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई है। वर्ष 1994 में अमेरिकी जैज़ गिटारिस्ट राइ कूडर (Ry Cooder) के साथ उनके एल्बम “A Meeting by the River” को ग्रैमी पुरस्कार मिला। यह उपलब्धि भारतीय शास्त्रीय संगीत के लिए ऐतिहासिक मानी जाती है।
उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री (2002) से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। वे न केवल एक उत्कृष्ट कलाकार हैं, बल्कि एक समर्पित गुरु भी हैं, जिन्होंने अनेक विद्यार्थियों को संगीत की शिक्षा दी है।
विश्व मोहन भट्ट का योगदान इस बात का उदाहरण है कि परंपरा और नवाचार के संतुलन से कला को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को आधुनिक वाद्य यंत्रों के साथ जोड़कर उसे विश्व संगीत के मंच पर सशक्त रूप से स्थापित किया है।
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