INDIAN DEFENCE ACCOUNTS SERVICE
इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस (IDAS)
इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस (IDAS) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण केंद्रीय सिविल सेवा है, जो रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। यह सेवा देश की सुरक्षा से जुड़े वित्तीय प्रबंधन, लेखा प्रणाली और ऑडिट व्यवस्था को संभालती है। IDAS अधिकारियों का कार्यभार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वे भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना तथा अन्य रक्षा संगठनों के वित्तीय संसाधनों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करते हैं।
IDAS अधिकारियों की नियुक्ति UPSC सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से की जाती है। चयनित अधिकारियों का प्रशिक्षण गुड़गाँव स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ डिफेंस फाइनेंशियल मैनेजमेंट (NADFM) में दिया जाता है, जहाँ उन्हें सैन्य वित्त, रक्षा बजट, प्रोक्योरमेंट फाइनेंस, ऑडिटिंग, अकाउंट्स मैनेजमेंट और वित्तीय नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाती है।
इस सेवा के अधिकारियों का कार्यक्षेत्र काफी विस्तृत और संवेदनशील होता है। वे रक्षा बलों के वेतन, पेंशन, उपकरणों की खरीद, सैन्य निर्माण परियोजनाओं, रक्षा उत्पादन इकाइयों और विभिन्न लॉजिस्टिक संस्थानों का वित्तीय प्रबंधन करते हैं। यह सुनिश्चित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होती है कि रक्षा व्यय पारदर्शी, कुशल और नियमों के अनुरूप हो।
IDAS अधिकारी रक्षा प्रतिष्ठानों के आंतरिक लेखा परीक्षक (Internal Auditor) के रूप में भी कार्य करते हैं। वे अनियमितताओं, धन की बर्बादी, प्रक्रियागत कमियों और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं की पहचान कर सुधारात्मक सुझाव प्रस्तुत करते हैं। इससे रक्षा मंत्रालय की वित्तीय प्रणाली मजबूत और उत्तरदायी बनती है।
रक्षा क्षेत्र में लगातार बढ़ती तकनीकी जरूरतों, बजट विस्तार और जटिल खरीद प्रक्रियाओं के कारण IDAS की भूमिका आज अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है। यह सेवा न केवल भारत की सैन्य ताकत को वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाती है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती प्रदान करती है। इसलिए इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस देश के रक्षा ढाँचे का एक अनिवार्य अंग है।
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