INDIAN ORDINANCE FACTORY SERVICE
इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्री सर्विस (IOFS)
इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्री सर्विस (IOFS) भारत सरकार की एक प्रतिष्ठित ग्रुप ‘A’ गजेटेड सेवा है, जो रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। यह सेवा देश की रक्षा उत्पादन प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका मुख्य कार्य भारतीय सशस्त्र बलों के लिए हथियार, गोला-बारूद, लड़ाकू उपकरण, तथा अन्य सैन्य सामग्री का विकास, निर्माण और आपूर्ति सुनिश्चित करना है। IOFS अधिकारी ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के संचालन और तकनीकी प्रबंधन में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
IOFS में भर्ती मुख्यतः UPSC इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन (ESE), UPSC सिविल सेवा परीक्षा और विशेष चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से की जाती है। चयनित अधिकारियों को नागपुर स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन (NADP) में व्यापक प्रशिक्षण दिया जाता है, जहाँ वे औद्योगिक प्रबंधन, उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, रक्षा निर्माण कानून, सैन्य आवश्यकताओं और आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं का अध्ययन करते हैं।
IOFS अधिकारियों का कार्यक्षेत्र अत्यंत विविध और तकनीकी होता है। वे ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन प्रमुख, गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी, योजना व अनुसंधान विशेषज्ञ, तथा औद्योगिक प्रबंधन अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं। उनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि सेना को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले हथियार और उपकरण प्राप्त हों। इसके अलावा वे नई तकनीकों के अनुसंधान एवं विकास (R&D) में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
IOFS अधिकारी रक्षा उत्पादों के निर्यात, सुरक्षा मानकों, श्रमिक प्रबंधन, वित्तीय योजना और औद्योगिक सुरक्षा से संबंधित कार्यों का भी संचालन करते हैं। भारत में आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन (Aatmanirbhar Bharat in Defence Manufacturing) के बढ़ते लक्ष्य के साथ IOFS की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (OFB) के निगमित होने के बाद भी IOFS अधिकारियों की विशेषज्ञता रक्षा उत्पादन कंपनियों में महत्वपूर्ण स्थान बनाए हुए है। इस प्रकार इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्री सर्विस देश की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाने वाली सबसे प्रमुख तकनीकी सेवाओं में से एक है।
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