INDIAN DEFENCE ESTATE SERVICE
इंडियन डिफेंस एस्टेट्स सर्विस (IDES)
इंडियन डिफेंस एस्टेट्स सर्विस (IDES) भारत सरकार की एक विशिष्ट केंद्रीय सिविल सेवा है, जो रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। इस सेवा का मुख्य दायित्व देशभर में स्थित सैन्य भू-संपत्तियों (Defence Land) और कैंटोनमेंट क्षेत्रों (Cantonments) का प्रबंधन, संरक्षण और विकास करना है। यह सेवा सैन्य क्षेत्र से जुड़ी भूमि और नगर प्रशासन का कुशल संचालन सुनिश्चित करती है, जिससे सैन्य बलों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
IDES अधिकारियों का चयन UPSC सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से होता है। चयन के बाद उन्हें नेशनल एकेडमी ऑफ डिफेंस फाइनेंशियल मैनेजमेंट (NADFM), गुड़गाँव तथा अन्य संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण में भूमि प्रबंधन, शहरी प्रशासन, राजस्व कानून, रक्षा नियमावली, नगर नियोजन, नागरिक सुविधाओं का विकास और कैंटोनमेंट कानूनों का अध्ययन शामिल होता है।
इस सेवा के अधिकारियों की दो मुख्य जिम्मेदारियाँ होती हैं—डिफेंस लैंड मैनेजमेंट और कैंटोनमेंट प्रशासन। वे देशभर की रक्षा भूमि का रिकॉर्ड रखते हैं, भूमि सर्वेक्षण कराते हैं, अवैध कब्जों को हटाते हैं और भूमि उपयोग से संबंधित निर्णय लेते हैं। कैंटोनमेंट क्षेत्रों में वे नगर प्रशासन के प्रमुख अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं, जहाँ नागरिकों और सैनिकों के लिए सड़क, पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य शहरी सुविधाएँ सुनिश्चित करते हैं।
IDES अधिकारी कैंटोनमेंट बोर्डों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में भी नियुक्त किए जाते हैं। वे बोर्ड बजट, कर वसूली, विकास परियोजनाओं और स्थानीय प्रशासन का संचालन करते हैं।
रक्षा क्षेत्र के विस्तार, जनसंख्या वृद्धि और शहरीकरण की बढ़ती चुनौतियों के बीच IDES की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सेवा न केवल देश के सैन्य ढांचे को भूमि और प्रशासनिक समर्थन प्रदान करती है, बल्कि कैंटोनमेंट क्षेत्रों को आधुनिक और रहने योग्य बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
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