GULSHAN KUMAR
गुलशन कुमार
गुलशन कुमार भारतीय संगीत जगत के वह महान व्यक्तित्व थे जिन्होंने पूरी मनोरंजन-उद्योग की दिशा बदल दी। उनका नाम संगीत, भक्ति और उद्यमशीलता का पर्याय माना जाता है। गुलशन कुमार का जन्म 5 मई 1956 को दिल्ली के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक छोटी-सी जूस की दुकान चलाते थे, जहाँ गुलशन कुमार भी मदद किया करते थे। धीरे-धीरे उन्होंने छोटे स्तर पर ऑडियो कैसेट बेचने का काम शुरू किया और फिर यही उनका जीवन बदलने का आधार बना।
गुलशन कुमार ने 1980 के दशक में टी-सीरीज कंपनी की स्थापना की। उस समय हिंदी फिल्मों के गीतों के कैसेट बेहद महंगे हुआ करते थे। उन्होंने कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता वाले ऑडियो कैसेट बाजार में उपलब्ध कराकर पूरे संगीत उद्योग में क्रांति ला दी। उनकी कंपनी ने जल्दी ही लोकप्रियता हासिल कर ली और आज टी-सीरीज दुनिया की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनियों में से एक है।
गुलशन कुमार को भक्ति संगीत से विशेष लगाव था। उन्होंने भक्तिमय एल्बम, आरती और भजन को देश-भर में घर-घर तक पहुँचाया। देवी-देवताओं के भजन, रामायण-महाभारत के मंत्र और भक्ति गीतों को सरल भाषा और मधुर धुनों में प्रस्तुत कर उन्होंने आध्यात्मिक संगीत का नया युग शुरू किया। उनकी प्रस्तुति “जगजननी जय जय मां वैष्णो देवी” जैसे कई भजनों को आज भी लोग श्रद्धा से सुनते हैं।
एक सफल कारोबारी होने के साथ-साथ वह बेहद धार्मिक और दानवीर भी थे। उन्होंने कई मंदिरों, गौशालाओं और सामाजिक संस्थानों की सहायता की। दुर्भाग्यवश 12 अगस्त 1997 को मुंबई में उनकी हत्या कर दी गई, जिससे पूरे देश को गहरा सदमा पहुँचा।
गुलशन कुमार भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी बनाई विरासत आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है। संगीत उद्योग का उनका योगदान अमूल्य है और टी-सीरीज उनके सपनों को आगे बढ़ा रहा है। वह हमेशा भारतीय संगीत के महानायक के रूप में याद किए जाते रहेंगे।
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