Posts

Showing posts from February, 2026

DENMARK STRAIT WATERFALL

डेनमार्क स्ट्रेट जलप्रपात विश्व का सबसे बड़ा और गहरा जलप्रपात माना जाता है, जो समुद्र के नीचे स्थित है। यह जलप्रपात ग्रीनलैंड और आइसलैंड के बीच स्थित डेनमार्क स्ट्रेट नामक जलडमरूमध्य में पाया जाता है। इसकी विशेषता यह है कि यह धरती की सतह पर नहीं, बल्कि महासागर की गहराई में बहता है, इसलिए इसे “अंडरवॉटर वाटरफॉल” कहा जाता है। यह जलप्रपात लगभग 3,500 मीटर (लगभग 11,500 फीट) की गहराई तक गिरता है, जो इसे विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात बनाता है। इसकी चौड़ाई भी लगभग 480 किलोमीटर तक फैली हुई है। इसकी तुलना में प्रसिद्ध एंजेल फॉल्स भी इसकी ऊँचाई के सामने बहुत छोटा है। डेनमार्क स्ट्रेट जलप्रपात का निर्माण ठंडे और गर्म समुद्री जल के तापमान तथा घनत्व के अंतर के कारण होता है। ग्रीनलैंड की ओर से आने वाला अत्यंत ठंडा और घना जल नीचे की ओर तेजी से बहता है, जबकि आइसलैंड की ओर से अपेक्षाकृत गर्म और हल्का जल ऊपर रहता है। इसी घनत्व के अंतर से यह विशाल जलप्रपात बनता है। यह जलप्रपात महासागरीय धाराओं और वैश्विक जलवायु प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह समुद्र के जल के प्रवाह को नियंत्रित करने में सहायक है ...

NAMIB DESERT

नामीब मरुस्थल विश्व के सबसे प्राचीन मरुस्थलों में से एक माना जाता है। यह दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका में अटलांटिक महासागर के तट के साथ फैला हुआ है और मुख्य रूप से नामीबिया देश में स्थित है। “नामीब” शब्द का अर्थ स्थानीय भाषा में “विशाल स्थान” होता है, जो इस रेगिस्तान के विस्तृत और खुले क्षेत्र को दर्शाता है। यह मरुस्थल लगभग 2000 किलोमीटर लंबा है और इसकी चौड़ाई 50 से 160 किलोमीटर तक है। यहाँ की सबसे बड़ी विशेषता ऊँचे-ऊँचे लाल रेत के टीले हैं, जो दुनिया के सबसे ऊँचे रेत के टीलों में गिने जाते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इन टीलों का रंग गहरा लाल और नारंगी दिखाई देता है, जो अत्यंत मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है। सोसुस्व्लेई नामक स्थान यहाँ का प्रमुख आकर्षण है, जहाँ सफेद नमक की झीलें और लाल रेत के टीले एक साथ दिखाई देते हैं। नामीब मरुस्थल का मौसम अत्यंत शुष्क है और वर्षा बहुत कम होती है। फिर भी यहाँ कई प्रकार के जीव-जंतु और पौधे पाए जाते हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल लिया है। यहाँ ओरिक्स, रेगिस्तानी हाथी और विभिन्न प्रकार के सरीसृप पाए जाते हैं। विशेष रूप से डेडव्ले...

RUGEN ISLAND

र्यूगेन द्वीप जर्मनी का सबसे बड़ा द्वीप है, जो बाल्टिक सागर में स्थित है। यह जर्मनी के मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमेर्न राज्य का भाग है और अपने प्राकृतिक सौंदर्य, समुद्री तटों तथा ऐतिहासिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। यह द्वीप मुख्य भूमि से पुल द्वारा जुड़ा हुआ है, जिससे यहाँ पहुँचना आसान है। र्यूगेन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सफेद चूना-पत्थर की चट्टानें हैं, जिन्हें “चॉक क्लिफ्स” कहा जाता है। ये चट्टानें विशेष रूप से जास्मुंड राष्ट्रीय उद्यान में स्थित हैं और पर्यटकों को अत्यंत आकर्षित करती हैं। यहाँ का प्राकृतिक दृश्य इतना सुंदर है कि कई चित्रकारों और लेखकों ने इसे अपनी कृतियों में स्थान दिया है। प्रसिद्ध चित्रकार कैस्पर डेविड फ्रेडरिक ने भी इन चट्टानों का चित्रण किया था। द्वीप पर लंबे रेतीले समुद्र तट, घने जंगल और शांत गाँव देखने को मिलते हैं। गर्मियों में यहाँ पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है, क्योंकि लोग समुद्र तट पर विश्राम करने और जल क्रीड़ाओं का आनंद लेने आते हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ ऐतिहासिक इमारतें, लाइटहाउस और पुराने रिसॉर्ट नगर भी हैं, जो इसकी सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं। र्यूगेन द्व...

LAVASA

लवासा महाराष्ट्र राज्य के पुणे ज़िले में स्थित एक सुंदर और नियोजित (प्लांड) पहाड़ी नगर है। यह सह्याद्रि पर्वतमाला की हरियाली से घिरा हुआ है और वारसगाँव झील के किनारे बसा है। लवासा को आधुनिक सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य के अनोखे संगम के रूप में विकसित किया गया था। इसकी बनावट इटली के छोटे शहरों की शैली से प्रेरित मानी जाती है, इसलिए यहाँ की इमारतें रंग-बिरंगी और आकर्षक दिखाई देती हैं। लवासा समुद्र तल से लगभग 2000 से 3000 फीट की ऊँचाई पर स्थित है, जिससे यहाँ का मौसम अधिकतर सुहावना रहता है। वर्षा ऋतु में यहाँ की पहाड़ियाँ और झीलें विशेष रूप से मनमोहक लगती हैं। पर्यटक यहाँ नौकायन, साइक्लिंग, ट्रेकिंग और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने आते हैं। झील के किनारे टहलना और सूर्यास्त देखना यहाँ का प्रमुख आकर्षण है। यह स्थान पुणे से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है, इसलिए सप्ताहांत में यहाँ काफी पर्यटक आते हैं। लवासा में होटल, रेस्तरां, कैफे और मनोरंजन की अन्य सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिससे यह परिवारों और युवाओं के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन गया है। हालाँकि, लवासा परियोजना को लेकर पर्यावरणीय मुद्दों औ...

PADMSRI TECHI GOBIN

Image
  🌟 पद्मश्री विजेता – Techi Gubin की जीवनी  🏆 1. नाम और पुरस्कार टेची गोबिन (Techi Gubin) को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है — यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, खासकर सामाजिक सेवा क्षेत्र में उनके वर्षों के समर्पित काम के लिए।  👤 जन्म और शुरुआती जीवन Techi Gubin का जन्म अरुणाचल प्रदेश के Kebi गांव (Shi-Yomi जिला) में हुआ था। उनका जन्म वर्ष 1964 (लगभग) के आसपास माना जाता है, जिससे वे 62 वर्ष के हैं।  बचपन से ही वे समाज सेवा और लोगों की मदद में लगे रहे।  🏛️ सरकारी करियर उन्होंने अरुणाचल प्रदेश सरकार में चीफ आर्किटेक्ट और बाद में डायरेक्टर ऑफ हाउसिंग के रूप में काम किया।  2024 में उन्होंने सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति ली।  ❤️‍🩹 सामाजिक और समाजसेवी भूमिका Techi Gubin Arunachal Vikas Parishad के अध्यक्ष हैं — यह एक सामाजिक संगठन है जो शिक्षा, स्वास्थ्य और समुदाय कल्याण से जुड़ी गतिविधियों में काम करता है।  वे Akhil Bharatiya Vanvasi Kalyan Ashram के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं, जो आदिवासी समुदायों के उत्थान ...

MPONENG GOLD MINES. S AFRICA

Mponeng Gold Mine एम्पोनेंग गोल्ड माइन विश्व की सबसे गहरी सोने की खदानों में से एक है। यह खदान दक्षिण अफ्रीका के गौतेंग प्रांत में कार्लेटनविल के पास स्थित है। “Mponeng” शब्द का अर्थ स्थानीय भाषा में “मुझे देखो” होता है। यह खदान अपनी अत्यधिक गहराई और आधुनिक तकनीक के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसकी गहराई लगभग 4 किलोमीटर (करीब 13,000 फीट) तक पहुंचती है, जिससे यह पृथ्वी की सतह के नीचे संचालित सबसे गहरी खदानों में गिनी जाती है। इस खदान का संचालन पहले एंग्लो गोल्ड अशांति कंपनी द्वारा किया जाता था, लेकिन बाद में इसे हार्मनी गोल्ड माइनिंग कंपनी ने अधिग्रहित कर लिया। इतनी अधिक गहराई पर काम करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि वहां का तापमान बहुत अधिक रहता है। जमीन के नीचे तापमान 60 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, इसलिए खदान में विशेष शीतलन (कूलिंग) प्रणाली लगाई गई है ताकि मजदूर सुरक्षित रूप से काम कर सकें। एम्पोनेंग गोल्ड माइन से हर वर्ष बड़ी मात्रा में सोना निकाला जाता है, जो दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह खदान हजारों लोगों को रोजगार भी प्रदान करती है...

PADMSRI SANGYSANG S PONGENER

Image
  Sangyusang S Pongener  🎖️ पद्मश्री सम्मान 2026 — संक्षेप नाम: संग्युसांग एस. पोंगेनर सम्मान: पद्मश्री 2026 (भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) क्षेत्र: कला (Folk art / लोक कला) कारण: Ao नागा लोक कला और सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण, प्रचार और शिक्षा में जीवन भर योगदान के लिए मान्यता।  🧑‍🎨 जीवन परिचय 📌 प्रारंभिक जीवन संग्युसांग का जन्म 1945 में नागालैंड के मोकोकचुंग जिले के उंगमा गांव में हुआ था।  वे आओ (Ao) नागा समुदाय से हैं, जो अपने समृद्ध लोक संगीत, नृत्य और कथाओं के लिए प्रसिद्ध है।  👨‍👩‍👧‍👦 पारिवारिक जीवन वे अपने माता-पिता चुटिसांग और केडिमेनला के सबसे बड़े बेटे हैं और परिवार में कुल आठ भाई-बहन हैं। संग्युसांग के पास पाँच संतान और आठ पोते-पोतियाँ हैं।  🎭 कला, संस्कृति और योगदान 🎶 लोक कला में रुझान उन्होंने लगभग 60 वर्ष से अधिक समय तक Ao नागा लोक गीतों, नृत्यों, कथाओं और परंपराओं का अध्ययन, संरक्षण और प्रचार किया है।  युवाओं को पारंपरिक कलाओं की शिक्षा और प्रशिक्षण देने के लिए उन्होंने कई मंचों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया ह...

PADMSRI THIRUVARUR BAKTHAVATHSALAM

Image
   पद्मश्री पुरस्कार विजेता Thiruvarur Bakthavathsalam  🌟 परिचय — थिरुवरूर बक्तवत्सलम Thiruvarur Bakthavathsalam एक internationally प्रसिद्ध भारतीय मृदंगम वादक (mridangam percussion maestro) हैं, जिन्हें संगीत-कला के क्षेत्र में दीर्घकालिक योगदान के लिए पद्मश्री 2026 से सम्मानित किया गया है।  🎻 जन्म और शुरुआती जीवन बक्तवत्सलम का जन्म 25 नवंबर 1956 को तमिलनाडु के थिरुवरूर में हुआ था।  वे एक पारंपरिक संगीत परिवार से आते हैं और 9 वर्ष की आयु से ही अपने परिवार के साथ संगीत में जुड़े थे।  उन्होंने अपनी शुरुआती संगीत साधना माँ से और मृदंगम सीखना मातृ परिवार के चाचा (गुरु) से शुरू किया।  🎶 मृदंगम करियर और उपलब्धियाँ ✅ संगीत यात्रा बक्तवात्सलम ने 60 से अधिक वर्षों तक मृदंगम बजाया और भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।  वे तीन पीढ़ियों के कलाकारों के साथ प्रदर्शन कर चुके हैं — पुराने महान कलाकारों से लेकर आज के उभरते संगीतकारों तक।  1992 में उन्होंने बार्सिलोना ओलंपिक समारोह में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।  🎼 “Laya Madhuraa”...

PADMSRI SHUBHA VENKATESH IYENGER

Image
  पद्मश्री सम्मानित डॉ. शुभा वी. वेण्कटेश अयंगर (Shubha Venkatesh Iyengar)  🏅 डॉ. शुभा वी. वेण्कटेश अयंगर — परिचय डॉ. शुभा वी. वेण्कटेश अयंगर भारत की एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं, जिन्हें पद्मश्री 2026 में विज्ञान और अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।  🎓 शिक्षा और शुरूआती जीवन शुभा का जन्म 1962 के दशक में हुआ था, और वे कर्नाटक (विशेष रूप से कोलार) से हैं।  उन्होंने बी.एससी. (ऑनर्स) और एम.एससी. दोनों में टॉपर (पहला स्थान) हासिल किया, जिसमें उनकी रुचि भौतिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स में थी।  उनके पिता ने उन्हें विज्ञान पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, खासकर जब उन समय लड़कियों को विज्ञान में करियर बनाना चुनौतीपूर्ण माना जाता था।  🔬 वैज्ञानिक करियर डॉ. शुभा ने 1982 में सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस लैबोरेटरीज़ (NAL), बेंगलुरु में वैज्ञानिक के रूप में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पदों पर कार्य किया, जिनमें मटेरियल साइंस, एयरपोर्ट इंस्ट्रूमेंटेशन, और एयरोस्पेस तकनीक शामिल हैं।  2020 में सेवानिवृत्त...

PADMSRI SWAMI BRAHDEV JI MAHARAJ

Image
  🌟 पद्मश्री पुरस्कार 2026 से सम्मानित: Swami Brahmadev Maharaj  स्वामी ब्रह्मदेव महाराज एक प्रतिष्ठित भारतीय संत और समाजसेवी हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस 2026 पर “पद्मश्री” (भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में उनके लंबे और समर्पित कार्य के लिए दिया जा रहा है — खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य और दिव्यांगों के जीवन सुधार के लिए।  🧑‍🎓 📜 संक्षिप्त जीवन परिचय (बायोग्राफी) 📍 जन्म और प्रारंभिक जीवन स्वामी ब्रह्मदेव महाराज का जन्म 4 अप्रैल 1944 को पंजाब में हुआ था और बाद में वे हरिद्वार आए। उनके गुरु संत बाबा करनैल दास जी महाराज थे।  🙏 समाज सेवा की शुरुआत 1978 में हरिद्वार में एक सत्संग के दौरान उन्होंने समाज सेवा का रास्ता अपनाया और अंततः राजस्थान के श्रीगंगानगर में रहकर सेवा करना शुरू किया। 👨‍🏫 श्री जगदंबा अंध विद्यालय का संस्थापक 13 दिसंबर 1980 को स्वामी ब्रह्मदेव महाराज ने श्री जगदंबा अंध विद्यालय (Shri Jagdamba Blind School) की स्थापना की। यह विद्यालय विशेष रूप से नेत्रहीनों और मूक-बधिर बच्चों को मुफ्त शि...

PADMSRI TRIPTI MUKHERJEE

Image
  🪡 तृप्ति मुखर्जी – जीवनी और उपलब्धियाँ (हिंदी में) 👩‍🎨 नाम: तृप्ति मुखर्जी 📍 स्थान: बीबभूम (सूरी), पश्चिम बंगाल, भारत � 📌 प्रसिद्धि: कांथा कढ़ाई (Nakshi Kantha embroidery) कलाकार एवं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्यकर्ता  🌟 मुख्य उपलब्धियाँ 🏅 पद्मश्री सम्मान (2026) तृप्ति मुखर्जी को भारत सरकार द्वारा 2026 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है, जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है (कला/हस्तशिल्प के क्षेत्र में)। उन्होंने यह सम्मान कांथा कढ़ाई और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किया गया कार्य के लिए प्राप्त किया।  🪢 कांथा कढ़ाई और सशक्तिकरण की यात्रा 🎨 कांथा कढ़ाई क्या है? यह बंगाल की पारंपरिक कढ़ाई और कंबल जैसा दस्तकारी कला है, जिसमें सूई और रंग-बिरंगे धागों से जटिल डिज़ाइन बनाये जाते हैं।  🧵 तृप्ति की इस कला में भूमिका तृप्ति ने बचपन में अपनी माँ से कांथा कढ़ाई सीखी और इसी को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्होंने अब तक लगभग 20,000 ग्रामीण महिलाओं को कांथा शिल्प सिखाया है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनीं।  उनकी कड़ाई में अक्सर ग...

PADMSRI PRABHAKAR BASAVPRAVU KORE

Image
  Dr. Prabhakar Basavaprabhu Kore (डॉ. प्रभाकर बसवप्रभु कोरे)  🌟 डॉ. प्रभाकर बसवप्रभु कोरे — परिचय नाम: डॉ. प्रभाकर बसवप्रभु कोरे  क्षेत्र: शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सहकारी क्षेत्र मुख्य भूमिका: चेयरमैन, KLE Society, बेलागावी, कर्नाटक चांसलर, KLE Academy of Higher Education & Research (KAHER), बेलागावी चांसलर, KLE Technological University, हुब्बलि पूर्व राज्यसभा सदस्य  डॉ. कोरे एक प्रख्यात शिक्षा व समाजसेवी व्यक्तित्व हैं, जिनका जीवन गुणवत्ता शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और ग्रामीण विकास को समाज के हर तबके तक पहुंचाने के लिये समर्पित रहा है। 🏅 Padma Shri समμαν — 2026 केंद्र सरकार ने January 2026 में डॉ. प्रभाकर कोरे को Padma Shri से सम्मानित किया। यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और उन्हें साहित्य एवं शिक्षा (Literature & Education) के क्षेत्र में उनके दीर्घ और प्रभावशाली योगदान के लिये दिया गया। �\ कोरे ने इस सम्मान को केवल अपने लिये नहीं बल्कि KLE परिवार, किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिये समझा, जिन्होंने हमेशा उनके प्रयासों में साथ दिय...

PADMSRI OTHUVAR THIRUTHANI SWAMINATHAN

Image
  Othuvar Thiruthani Swaminathan 🌟 ओथुवर थिरुथानी स्वामीनाथन — परिचय नाम: ओथुवर थिरुथानी स्वामीनाथन क्षेत्र: साँस्कृतिक एवं धार्मिक संगीत विशेषता: शैव भजन (Thevaram, Thiruvasagam आदि) के पारंपरिक ओथुवर / भजनकार समाचार: उन्हें Padma Shri 2026 के लिए चुना गया है — भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ओथुवर” वह पारंपरिक मंदिर‐संगीतकार होता है जो शिव भक्ति से जुड़े शास्त्रीय तमिल भजन और Thevaram आदि की गायन शैली में मंत्रोच्चारण और गीत गाता है।  🏅 Padma Shri सम्मान — 2026 डॉक्टरों और कलाकारों के बीच में, केंद्रीय सरकार ने 25 जनवरी 2026 को ओथुवर थिरुथानी स्वामीनाथन को Padma Shri Award (कला/संस्कृति) देने की घोषणा की। यह सम्मान उनके छह दशक से अधिक समय तक भारतीय और तमिल भक्ति संगीत के प्रचार-प्रसार और संरक्षण में योगदान के लिए दिया गया है।  🎶 उनका जीवन और कार्य 👶 प्रारंभिक जीवन थिरुथानी स्वामीनाथन ने बहुत कम उम्र में ही भक्ति संगीत और शास्त्रीय भजनों का प्रशिक्षण शुरू किया। उन्होंने खास तौर पर धर्मपुरम (Dharmapuram) आदीनम और Thevaram पाठशाला से शास्त्रीय तरीके से शिक्षा प्रा...

PADMSRI NILESH VINODCHANDRA MANDLEWALA

Image
  Nilesh Vinodchandra Mandlewala (नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला) 🌟 नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला — परिचय (जीवनी) नाम: Nilesh Vinodchandra Mandlewala (नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला) जन्म स्थान: सूरत, गुजरात, भारत क्षेत्र: सामाजिक कार्य (Social Work), विशेषकर ऑर्गन डोनेशन (Organ Donation) की जनजागरूकता मुख्य पहचान: “Donate Life” नामक संस्था के संस्थापक और प्रमुख अभियानकर्ता सम्मान: भारत सरकार द्वारा Padma Shri Award 2026 से सम्मानित  🏆 Padma Shri सम्मान — 2026 भारत सरकार ने Padma Shri 2026 से निलेश मंडलेवाला को सामाजिक कार्य (Social Work) के लिए सम्मानित किया है। यह सम्मान देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान में गिना जाता है।  इस उपलब्धि के साथ, वे सूरत और गुजरात से Padma Shri पाने वाले प्रतिष्ठित व्यक्ति बन गए हैं।  💪 जीवन यात्रा और प्रेरणा नीलेश मंडलेवाला की जिंदगी में बदलाव तब आया जब उनके पिता को 1997 में किडनी फेलियर (kidney failure) हुआ और उन्हें 2004 से नियमित डायलिसिस करानी पड़ी। इस कठिन अनुभव ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि भारत में अंगदान और ट्रांसप्लांट की जागरू...

PADMSRI SURESH HANAGVADI

Image
  Dr. Suresh Hanagavadi (सुरेश हणगवाडी / सुलेश हनगवाडी) 🌟 Dr. Suresh Hanagavadi — परिचय (जीवनी) नाम: डॉ. सुरेश हणगवाडी (Dr. Suresh Hanagavadi) क्षेत्र: चिकित्सा (Medicine) और सामाजिक स्वास्थ्य कार्य मुख्य भूमिका: प्रोफेसर ऑफ पैथोलॉजी, JJM मेडिकल कॉलेज, Davangere, कर्नाटक प्रमुख योगदान: Haemophilia (एक रक्त के थक्के न जमने वाली दुर्लभ बीमारी) के क्षेत्र में 40+ वर्षों का कार्य और मरीजों के लिये समर्पित सेवा ।  🏅 Padma Shri सम्मान — 2026 डॉ. हणगवाडी को भारत सरकार ने 2026 में “Padma Shri” से सम्मानित किया है — जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार उन्हें दशकों तक दुर्लभ रक्त विकार (Haemophilia) के मरीजों की सेवा, जागरूकता, उपचार और देखभाल में योगदान के लिए दिया गया है।  💉 प्रारंभिक जीवन और प्रेरणा डॉ. हणगवाडी स्वयं गंभीर Haemophilia B के साथ जीवन भर जूझते रहे, जिससे उन्हें इस रोग के दर्द और चुनौतियों का व्यक्तिगत अनुभव रहा। उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थी उनके मामा Neelakantappa का haemophilia के कारण 1980 में निधन, जिसने उन्हें यह प्रण लेने पर मजबूर किय...

PADMSRI SHRIRANG DEVABA LAD

Image
  Shrirang Devaba Lad 📌 पद्म श्री पुरस्कृत – श्रीरंग देवबा लाड (Shrirang Devaba Lad) – जीवनी और नवीन जानकारी 🧑‍🌾 परिचय श्रीरंग देवबा लाड महाराष्ट्र के परभणी जिले के एक प्रगतिशील किसान, कृषि नवाचारक और कृषक नेता हैं। उन्हें 2026 में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्म श्री (चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) से सम्मानित किया गया है।  🏡 शुरुआती जीवन और पृष्ठभूमि लाड का जन्म किसान परिवार में हुआ और उन्होंने खेती को ही जीवन­यापन तथा सेवा का मार्ग बनाया।  वे परभणी (जिंतूर तालुका), महाराष्ट्र के माळसोन्ना गाँव से ताल्लुक रखते हैं।  खेती और कृषि समस्याओं से जुड़ी चुनौतियों को समझते हुए उन्होंने अपने खेतों में निरंतर प्रयोग और नवाचार किए।  🌱 कृषि में योगदान और शोध 🌾 कपास में प्रगतिशील तकनीक लाड ने कपास की खेती में “दादा लाड तकनीक” विकसित की — यह एक वैज्ञानिक-संचालित खेती पद्धति है जिसमें शामिल हैं: ✔ शेंडा खुडणी (कपास की शाखाओं की छंटाई) ✔ अत्यधिक घनत्व वाली बुवाई ✔ ठिबक सिंचन (ड्रिप इरिगेशन) ✔ मल्चिंग और प्रबंधन तकनीकें  इन तकनीकों के परिणा...

PADMSRI KRISHANAMURTY BALSUBRAMANIAN

Image
  📌 पद्म श्री पुरस्कृत – कृष्णामूर्ति बालासुब्रमणियन (Dr. Krishnamurty Balasubramanian) – जीवनी और नवीन जानकारी 🧑‍🔬 परिचय डॉ. कृष्णामूर्ति बालासुब्रमणियन एक वरिष्ठ वैज्ञानिक और सामग्री विज्ञान (Materials Science) तथा इंजीनियरिंग क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, जो भारत में उन्नत सामग्री व तकनीकों के विकास के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।  🎓 शिक्षा और करियर डॉ. बालासुब्रमणियन Nonferrous Materials Technology Development Centre (NFTDC), हैदराबाद के डायरेक्टर हैं — यह केंद्र उन्नत धातु व सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास का प्रमुख संस्थान है।  उन्होंने बड़े विविध उद्योगों में उन्नत इंजीनियरिंग सामग्रियों पर शोध और अनुप्रयोग विकसित किए हैं — जिनमें अंतरिक्ष, रक्षा, चिकित्सा उपकरण, और ऊर्जा प्रणालियाँ शामिल हैं।  📚 प्रमुख शोध एवं योगदान 🧪 उन्नत सामग्री और इंजीनियरिंग डॉ. बालासुब्रमणियन के नेतृत्व में NFTDC ने निम्नलिखित क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है: � ✔ स्पेस-ग्रेड धातुएं और मिश्रधातुएं, जो अत्यंत कठिन परिचालन परिस्थितियों में भी सुरक्षित रूप...

PADMSRI LIUDMILA VIKTOROVNA KHOKHLOVA

Image
   Liudmila Viktorovna Khokhlova  📌 लीउद्मिला विक्टोरोव्ना खोख्लोवा — बायोग्राफी और नवीन जानकारी 🧠 परिचय लीउद्मिला विक्टोरोव्ना खोख्लोवा एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित रूसी विद्वान, भाषा वैज्ञानिक, और इंडोलॉजिस्ट (भारतीय भाषाओं-साहित्य की विद्या में विशेषज्ञ) हैं, जिन्हें 2026 में भारत सरकार ने पद्म श्री सम्मान से नवाज़ा है। इस सम्मान को उन्होंने साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं और संस्कृति की वैश्विक समझ को बढ़ाने के लिए हासिल किया।  🎓 शिक्षा एवं करियर खोख्लोवा लॉमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी (Moscow State University) के इंडियन फिलोलॉजी विभाग से जुड़ी एक वरिष्ठ प्रोफेसर हैं, जहाँ उन्होंने दशकों से भारतीय भाषाओं का अध्ययन, शिक्षण और शोध किया है।  वे भारत-सम्बंधित भाषाई अध्ययन, साहित्य, और सांस्कृतिक अनुसंधान में विख्यात हैं, खासकर हिंदी, उर्दू, पंजाबी, गुजराती और मारवाड़ी भाषाओं पर उनके कार्यों के लिए।  📚 शोध और प्रमुख योगदान 📝 भाषा और साहित्य के क्षेत्र में डॉ. खोख्लोवा ने भारतीय भाषाओं पर गहन शोध किया है, जिसमें उन्होंने व्याकरण...

PADMSRI SIVASANKARI

Image
  Sivasankari  📌 शिवासंकारी (Sivasankari) – जीवनी और नवीन जानकारी 🧑‍🎓 परिचय शिवासंकारी एक प्रसिद्ध तमिल लेखिका और साहित्यकार हैं।  इन्होंने तमिल भाषा में उपन्यासों, लघुकथाओं, निबंधों और यात्रा-कहानियों की विशाल संख्या लिखी है और साहित्य के समाज-निर्माण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है।  📅 जन्म और प्रारंभिक जीवन शिवासंकारी का जन्म 14 अक्टूबर 1942 को मद्रास (अब चेन्नई), तमिलनाडु, भारत में हुआ था।  उन्होंने अपनी शिक्षा Sri Ramakrishna Mission और Sarada Vidyalaya स्कूलों में प्राप्त की और बाद में SIET College for Women से पढ़ाई की।  कैरियर की शुरुआत वे Citibank में पब्लिक रिलेशंस अधिकारी के रूप में हुई थी, लेकिन बाद में लेखन की ओर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया। ✍️ साहित्यिक योगदान शिवासंकारी ने कई उपन्यास, लघु कथाएँ, निबंध, यात्रा-कहानियाँ और आत्मकथात्मक रचनाएँ लिखी हैं। � Wikipedia उनके कई उपन्यासों पर फिल्मों और टीवी-सीरीज़ों का निर्माण भी हुआ, जैसे: Avan Aval Adhu (1980) 47 Natkal (1981) Kutty (2001) Subah (1987 TV सीरीज़)  उनकी रचनाओं में सामाजिक...

PADMSRI SHAFI SHAUQ

Image
  Shafi Shauq  📌 पद्म श्री विजेता – शफी शौक (Padma Shri Shafi Shauq) – जीवनी एवं नवीन जानकारी 🧑‍🎓 परिचय शफी शौक एक प्रसिद्ध कश्मीरी लेखक, कवि, भाषा वैज्ञानिक, अनुवादक और शिक्षाविद हैं।  इन्होंने पद्म श्री – भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान 2026 में साहित्य, शिक्षा और भाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्राप्त किया।  📍 प्रारंभिक जीवन शफी शौक का जन्म 18 मार्च 1950 को कप्रीन गाँव, Shopian (जम्मू एवं कश्मीर) में हुआ।  शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने कश्मीर यूनिवर्सिटी से अँग्रेज़ी में डॉक्टरेट (Ph.D.) की डिग्री हासिल की।  🎓 शैक्षिक और व्यावसायिक जीवन उन्होंने कश्मीर यूनिवर्सिटी में कश्मीरी भाषा एवं साहित्य के विभाग में लगभग *33 वर्ष तक सेवा की।  विभाग के हेड और डीन (Faculty of Arts) जैसे उच्च पदों पर कार्य किया।  2010 में सेवानिवृत्त हुए।  📚 साहित्यिक योगदान शफी शौक ने 100 से अधिक किताबें लिखी, संपादित की और अनुवाद किए — कश्मीरी, हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी भाषाओं में।  उनके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं: Keeshur Lugaat (कश्मीरी...

PADMSRI SHASHI SHEKHAR VEMPATI

Image
  शशि शेखर वेम्पाटि (Shashi Shekhar Vempati) की लेटेस्ट अपडेट और विस्तृत जीवनी (हिंदी) प्रस्तुत है 👇  🏅 पद्म श्री 2026 – नवीनतम मान्यता (Latest Honor) ✨ शशि शेखर वेम्पाटि को पद्म श्री सम्मान से नवाज़ा गया है। यह भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक है, जो उनके प्रसारण, तकनीक, मीडिया सुधार और सार्वजनिक नीति में योगदान के लिए दिया गया है।  उन्होंने इस सम्मान को अपने लिए एक विनम्र अनुभव बताते हुए कहा कि यह सम्मान सभी के प्रयासों और देश के लिए योगदान की प्रेरणा है।  📌 व्यक्तिगत और शैक्षिक पृष्ठभूमि पूरा नाम: शशि शेखर वेम्पाटि शिक्षा: आई.आई.टी. बॉम्बे (IIT Bombay) से इंजीनियरिंग  पेशा: तकनीकी एवं मीडिया विशेषज्ञ 📺 प्रमुख करियर उपलब्धियाँ 🧑‍💼 प्रसार भारती (Prasar Bharati) के CEO वेम्पाटि 2017 से 2022 तक प्रसार भारती (भारत का सार्वजनिक प्रसारण संगठन) के Chief Executive Officer (CEO) रहे। यह महत्त्वपूर्ण था क्योंकि वे पहले गैर-ब्यूरोक्रेट और सबसे युवा व्यक्ति थे जिन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया।  उनके नेतृत्व में: ✔️ दूरदर्शन और आल इंडिया रेडियो...

PADMSRI RATILAL BORISAGAR

Image
  Ratilal Borisagar  🏅 पद्म श्री 2026 सम्मान रतीलाल मोहनलाल बोरीसागर को पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया गया है — यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।  उन्हें यह सम्मान साहित्य (हास्य, निबंध, साहित्यिक संपादन) के क्षेत्र में उनके दीर्घ और महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है।  पद्म श्री की घोषणा 26 जनवरी 2026 के गणतंत्र दिवस पुरस्कारों की सूची में की गई।  केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इस चयन को गुजरात के लिए गौरव का विषय बताया है।  📖 रतीलाल बोरीसागर — जीवन परिचय (बायोग्राफी) 👶 जन्म और प्रारंभिक जीवन रतीलाल बोरीसागर का जन्म 31 अगस्त 1938 को सावरकुंडला, अमरेली जिला, गुजरात, भारत में हुआ। 🎓 शिक्षा और करियर उन्होंने 1989 में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।  कुछ समय तक उन्होंने शिक्षक के रूप में भी काम किया और बाद में गुजरात राज्य पाठ्य-पुस्तक बोर्ड के साथ कार्य किया।  उन्होंने 1998 में सेवानिवृत्ति ली।  ✍️ साहित्यिक जीवन और योगदान 📚 लेखन शैली रतीलाल बोरीसागर प्रख्यात गुजराती हास्यकार, निबंधकार और संपादक हैं।  उनका लेखन हास्य, व्यंग्य औ...

PADMSRI RAMA REDDY MAMIDI

Image
  Rama Reddy Mamidi  🏅 पद्म श्री 2026 सम्मान (पोस्टह्यूमस) Rama Reddy Mamidi को पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया गया है — यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।  उन्हें यह सम्मान पशुपालन (Animal Husbandry) और डेयरी क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पोस्टह्यूमस (निधन के बाद) दिया गया है।  इस सम्मान की घोषणा 26 जनवरी 2026 के गणतंत्र दिवस के अवसर पर की गई थी।  💬 परिवार की प्रतिक्रिया उनकी पत्नी ने कहा कि यह सम्मान उनके आजीवन सेवा, अनुशासन और डेयरी एवं पशुपालन क्षेत्र में योगदान का सही सम्मान है। � Web India News उन्होंने बताया कि राम रेड्डी का जीवन अनुशासन और समर्पण से भरा था और उनके काम से कई ग्रामीणों और पशुपालकों को लाभ मिला।  📖 रामा रेड्डी मामिडी — जीवन परिचय (बायोग्राफी) 👶 प्रारंभिक जीवन राम रेड्डी मामिडी का जन्म तेलंगाना (Nizamabad जिले, भारत) में हुआ था (सटीक जन्मतिथि उपलब्ध स्रोत में नहीं मिला)।  वे एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए और जीवन में हमेशा लोगों के व्यवसाय और आजीविका को मजबूत करने के लिए काम किया।  🐄 डेयरी एवं पशुपालन क्षेत...

PADMSRI R KRISHNAN

Image
   R. Krishnan (जो पद्म श्री 2026 से पोस्टह्यूमस सम्मानित हुए हैं) 🇮🇳 नवीनतम अपडेट (2026) 🏅 पद्म श्री 2026 (पोस्टह्यूमस) R. Krishnan को भारत सरकार ने पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया है — यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।  यह सम्मान उन्हें कला एवं संस्कृति (Art & Culture) में उनके अद्वितीय योगदान के लिए पोस्टह्यूमस (उनके निधन के बाद) दिया गया है।  वह आलु कुरुम्बा (Alu Kurumba) जनजाति से थे और उन्होंने करीब 3,000 साल पुरानी कुरुम्बा कला — पारंपरिक आदिवासी चित्रकला — को संरक्षित और पुनर्जीवित किया।  📌 इस सम्मान की घोषणा 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस पुरस्कारों में की गई थी।  📖 R. Krishnan — जीवन और बायोग्राफी 👶 जन्म और शुरुआती जीवन R. Krishnan (लगभग 1973 में जन्म) का जन्म वेल्लरिकोंबई (Nilgiris, Tamil Nadu) के एक आदिवासी गाँव में हुआ था।  वे आलु कुरुम्बा जनजाति से ताल्लुक रखते थे, जो पारंपरिक रूप से जंगल से जुड़ी जीवनशैली और कला-संस्कृति के लिए जाने जाते हैं।  उन्होंने चित्रकला की सीख छह वर्ष की उम्र में अपने दादा से प्राप्त की थी।...

PADAMSRI PRESENJIT CHATTERJEE

Image
  प्रोसेनजीत चट्टोपाध्याय (Prosenjit Chatterjee)  🇮🇳 नवीनतम अपडेट (2026) 🌟 🏅 पद्म श्री सम्मान 2026 प्रोसेनजीत चट्टोपाध्याय को 2026 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है — यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो उनके कला क्षेत्र में लगभग चार दशकों के योगदान के लिए मिला।  यह सम्मान भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित पद्म पुरस्कारों की सूची में शामिल है, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मान मिला।  प्रोसेनजीत ने इस सम्मान को अपने परिवार, सहयोगियों और दर्शकों के साथ साझा किया और कहा कि यह पुरस्कार उन्हें अकेले नहीं, उन सभी ने मिलकर दिया है जिन्होंने उनके करियर में योगदान दिया है।  💐 भावनात्मक बयान उन्होंने कहा कि वे इस सम्मान को अपनी दिवंगत माँ को समर्पित करते हैं, जिन्होंने उनके जीवन और करियर में बहुत बलिदान दिया। इसके अलावा उन्होंने अपने पिता, अभिनेता बिस्वजीत चट्टोपाध्याय की प्रतिक्रिया भी साझा की, जिन्होंने अपने बेटे के सम्मानित होने पर गर्व व्यक्त किया।  प्रोसेनजीत ने अपने लंबे समय के दोस्त और निर्देशक रितुपर्ण घोष की याद ...

PADMSRI RAJENDRA PRASAD

Image
   पद्म श्री रजेंद्र प्रसाद (Padma Shri Rajendra Prasad) 🏅 पद्म श्री 2026 सम्मान उन्होंने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में पल्मोनोलॉजी विभाग की स्थापना करने और टीबी/एमडीआर-टीबी उपचार के क्षेत्र में दशकों सेवा के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया।  🧑‍⚕️ डॉ. राजेंद्र प्रसाद (चिकित्सक) की बायोग्राफी — संक्षेप में 📍 जन्म व पृष्ठभूमि डॉ. राजेंद्र प्रसाद उत्तर प्रदेश के लखनऊ से हैं उनके पिता गोपीचंद कपड़ा व्यापारी थे और माता विजय लक्ष्मी गृहिणी थीं।  🎓 शिक्षा व कैरियर उन्होंने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में पढ़ाई की और बाद में वहीँ पल्मोनोलॉजी विभाग के संस्थापक विभागाध्यक्ष बने।  उनकी विशेषज्ञता टीबी (तपेदिक) और श्वसन रोगों के इलाज में थी।  🩺 योगदान 50 से अधिक वर्षों तक चिकित्सा सेवा में सक्रिय रहे और हजारों रोगियों को इलाज प्रदान किया।  विभाग की स्थापना, चिकित्सा शोध, शिक्षा और समाज सेवा में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।  🏆 सम्मान वर्ष 2026 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया — भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्म...

PADMSRI PRAVEEN KUMAR

Image
  🇮🇳 पद्म श्री 2026 सम्मान पद्म श्री 2026 के लिए प्रवीण कुमार को भी चुना गया है — यह भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है।  यह सम्मान उन्हें खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जा रहा है और यह घोषणा 26 जनवरी 2026 के आसपास की गई है।  प्रवीण ने कहा कि यह सम्मान उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।  📖 जीवनी — शुरुआती जीवन से सफलता तक 👶 जन्म और परिवार प्रवीण कुमार का जन्म उत्तर प्रदेश के जेवर (गोविंदगढ़ गाँव), गौतम बुद्ध नगर में हुआ।  वे साधारण किसान परिवार से आते हैं और बचपन से ही शारीरिक चुनौती के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति दिखाते आए हैं।  🏃‍♂️ खेल-करियर की शुरुआत प्रवीण की पैरा एथलेटिक्स (T64 उच्च कूद) में भागीदारी ने उन्हें जल्दी ही पहचान दिलाई।  उन्होंने शुरुआत में वॉलीबॉल खेला, लेकिन बाद में उच्च कूद (High Jump) पर अपना फोकस बनाया।  🥇 प्रमुख उपलब्धियाँ 📌 पैरालिंपिक में मेडल टोक्यो 2020 पैरालिंपिक्स में सिल्वर मेडल (T64) जीता।  पेरिस 2024 पैरालिंपिक्स में गोल्ड मेडल — 2.08 मीटर के साथ व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर...

PHEWA LAKE

फेवा झील नेपाल के सुंदर शहर Pokhara में स्थित एक प्रसिद्ध प्राकृतिक झील है। यह झील अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला की गोद में बसी हुई है और अपने शांत, स्वच्छ जल तथा मनमोहक दृश्य के लिए जानी जाती है। यह नेपाल की दूसरी सबसे बड़ी झील मानी जाती है। झील का वातावरण अत्यंत शांत और आकर्षक है, जो पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। फेवा झील की सबसे खास बात यह है कि इसके बीचों-बीच Tal Barahi Temple स्थित है। यह मंदिर देवी बराही को समर्पित है और श्रद्धालु नाव द्वारा यहाँ पहुँचते हैं। झील में रंग-बिरंगी नावों की सवारी करना यहाँ का मुख्य आकर्षण है। पर्यटक नाव में बैठकर आसपास के सुंदर पहाड़ों और हरियाली का आनंद लेते हैं। साफ मौसम में झील के जल में अन्नपूर्णा और माछापुच्छ्रे पर्वत का प्रतिबिंब दिखाई देता है, जो दृश्य को और भी अद्भुत बना देता है। फेवा झील के आसपास कई होटल, रेस्टोरेंट और बाजार स्थित हैं, जहाँ स्थानीय हस्तशिल्प वस्तुएँ और नेपाली भोजन मिलते हैं। सुबह और शाम के समय झील का वातावरण बहुत ही मनोहारी होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय झील का दृश्य अत्यंत रमणीय दिखाई देता है। पर्यटन की दृष्टि से फेवा झ...

PADMSRI T T JAGANATTAN

 पद्मश्री से सम्मानित टी. टी. जगन्नाथन (T. T. Jagannathan)  🏆 टी. टी. जगन्नाथन — संक्षिप्त परिचय टी. टी. जगन्नाथन भारतीय उद्योग जगत के एक प्रतिष्ठित उद्यमी और टीटीके प्रेस्टीज (TTK Prestige) समूह के प्रमुख चेयरमैन एमेरिटस थे। उन्हें 2026 में मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है, जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार उन्हें व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए दिया गया।  👴 जन्म, शिक्षा और प्रारंभिक जीवन जगन्नाथन का जन्म लगभग 1948/1949 के दशक में हुआ माना जाता है (सटीक जन्म तिथि सार्वजनिक स्रोतों में नहीं मिली) और उन्होंने आईआईटी मद्रास से स्वर्ण पदक (Gold Medal) के साथ इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की।  इसके बाद उन्होंने यूएसए की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से PhD (ऑपरेशन्स रिसर्च) भी की।  💼 व्यवसाय और करियर 🎯 TTK Prestige समूह उद्योग जगत में उनका प्रमुख योगदान रहा। जगन्नाथन 1975 में प्रबंध निदेशक (Managing Director) के रूप में TTK Prestige के बोर्ड से जुड़े।  उन्होंने कंपनी को दीवालियेपन के संकट से निकालकर एक...

PADAMSRI SHYAM SUNDAR

Image
  Padma Shri से सम्मानित डॉ. श्याम सुंदर (Professor Shyam Sundar Agrawal)  🌟 डॉ. श्याम सुंदर (Professor Shyam Sundar Agrawal) – जीवनी (Biography in Hindi) 👤 परिचय डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल एक प्रसिद्ध भारतीय चिकित्सक और शोधकर्ता हैं, जो Banaras Hindu University (BHU) के Institute of Medical Sciences (IMS) में प्रोफेसर रहे हैं। उन्हें 2026 के पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया है।  🏆 पद्म श्री सम्मान 2026 भारत सरकार ने पद्म श्री 2026 के लिए डॉ. श्याम सुंदर का नाम घोषित किया है, जो रिपब्लिक डे 2026 के अवसर पर दिया जा रहा है। � 💡 शिक्षा और करियर श्याम सुंदर एक अनुभवी मेडिकल विशेषज्ञ और संक्रमण रोगों (Infectious Diseases) पर शोधकर्ता हैं, विशेषकर ** visceral leishmaniasis (काला-आज़ार)** और इससे जुड़े उपचारों पर काम करते हैं।  📌 प्रमुख योगदान (Contributions) 🧪 काला-आज़ार (Kala-azar) उपचार में क्रांतिकारी शोध डॉ. श्याम सुंदर ने काला-आज़ार (जो भारत के कई गरीब क्षेत्रों में एक घातक बीमारी रही है) के निदान और उपचार में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाले शोध किए हैं। उनके योगदा...

PADMSRI NARESH CHANDRA DEV VERMA

Image
  नरेश चंद्र देव वर्मा (Naresh Chandra Dev Varma / Debbarma)  🏆 पद्म श्री सम्मान – 2026 नरेश चंद्र देव वर्मा को भारत सरकार द्वारा 2026 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार उन्हें साहित्य और शिक्षा (Literature & Education) के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया।  उन्होंने इस सम्मान के बारे में कहा कि यह पुरस्कार उनके व्यक्तिगत कार्य का नहीं बल्कि “कोकबोरोक भाषा और उसके साहित्य” की मान्यता है।  त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा ने भी उन्हें पद्म श्री मिलने पर दिल से बधाई दी है और कहा कि यह सम्मान त्रिपुरा सरकार की ओर से दिया गया त्रिपुरा भूषण पुरस्कार (2024) के बाद उनके उत्कृष्ट कार्य का राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार है।  📜 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा जन्म: 31 अक्टूबर 1944 को त्रिपुरा (तब ब्रिटिश भारत का हिस्सा) में हुआ।  पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता का नाम मदन मोहन देव वर्मा और माता का नाम संभु लक्ष्मी देव वर्मा था।  उन्होंने अपने शुरुआती जीवन में शिक्षा प्राप्त की और क्ला...

ARTICLE 142 OF INDIAN CONSTITUTION

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 142 (Article 142)  अनुच्छेद 142 भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो सुप्रीम कोर्ट (उच्चतम न्यायालय) को विशेष अधिकार प्रदान करता है। इस अनुच्छेद के तहत सुप्रीम कोर्ट को यह शक्ति दी गई है कि वह “पूर्ण न्याय” (Complete Justice) सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आदेश या निर्देश जारी कर सकता है। 🔹 अनुच्छेद 142(1) क्या कहता है? अनुच्छेद 142(1) के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट किसी भी मामले में, जो उसके समक्ष लंबित हो, ऐसा कोई भी आदेश या डिक्री पारित कर सकता है जो पूर्ण न्याय करने के लिए आवश्यक हो। ऐसे आदेश पूरे भारत में लागू होते हैं। अर्थात, यदि किसी मामले में मौजूदा कानून पर्याप्त समाधान नहीं दे पा रहा हो, तो सुप्रीम कोर्ट अपने विशेष अधिकार का उपयोग करके न्याय सुनिश्चित कर सकता है। 🔹 अनुच्छेद 142(2) इसके तहत सुप्रीम कोर्ट को यह शक्ति है कि वह किसी व्यक्ति को उपस्थित होने, दस्तावेज प्रस्तुत करने या न्यायालय की अवमानना से संबंधित आदेश जारी कर सकता है। ✦ अनुच्छेद 142 की विशेषताएँ यह शक्ति केवल सुप्रीम कोर्ट को प्राप्त है। इसका उद्देश्य तकनीकी बाधाओं से ऊपर उठकर...

PADMSRI SATYANARAYAN NUWAL

Image
  पद्मश्री प्राप्त सत्यनारायण नुवाल (Satyanarayan Nuwal)  ⭐ सत्यनारायण नुवाल — संक्षेप जीवनी सत्यनारायण नुवाल एक भारतीय उद्योगपति, आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग के अग्रणी और Solar Industries India Ltd. के संस्थापक-अध्यक्ष हैं। उन्हें 26 जनवरी 2026 को पद्मश्री पुरस्कार (व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में) से सम्मानित किया गया है, जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।  👶 प्रारंभिक जीवन और संघर्ष सत्यनारायण नुवाल का जन्म राजस्थान के भिलवाड़ा जिले में मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उन्होंने औपचारिक शिक्षा केवल दहावी (10वीं कक्षा) तक ही प्राप्त की, और फिर संघर्षशील जीवन की ओर बढ़े। शुरुआती दिनों में आर्थिक कठिनाइयों के कारण वे रेलवे प्लेटफॉर्म पर रातें बिताते थे।  📈 उद्यमिता और Solar Industries का निर्माण 1995 में नुवाल ने Solar Industries India Ltd. की स्थापना की, जो शुरुआत में केवल औद्योगिक विस्फोटक (explosives) का व्यापार करती थी। समय के साथ, कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार कर डिफेंस और रक्षा निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज Solar Group की उत्पाद श्रृंखला मे...

KOKBOROK

 कोकबोरोक (Kokborok) त्रिपुरा राज्य की प्रमुख जनजातीय भाषा है, जिसे मुख्य रूप से त्रिपुरी या देबबर्मा समुदाय द्वारा बोला जाता है। “कोक” का अर्थ है “भाषा” और “बोरोक” का अर्थ है “लोग”, इसलिए कोकबोरोक का शाब्दिक अर्थ हुआ “लोगों की भाषा”। यह भाषा तिब्बती-बर्मी (Tibeto-Burman) भाषा परिवार से संबंधित है और पूर्वोत्तर भारत की महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक है। कोकबोरोक को त्रिपुरा में आधिकारिक मान्यता प्राप्त है और इसे राज्य की दूसरी आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया गया है। यह भाषा केवल भारत के त्रिपुरा राज्य में ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में भी बोली जाती है। समय के साथ इसके संरक्षण और विकास के लिए कई प्रयास किए गए हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में कोकबोरोक की पढ़ाई की व्यवस्था की गई है, जिससे नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से जुड़ी रह सके। कोकबोरोक भाषा की अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा है। लोकगीत, लोककथाएँ, नृत्य और पारंपरिक त्योहार इस भाषा की पहचान को मजबूत बनाते हैं। आधुनिक समय में कई लेखकों और साहित्यकारों ने कोकबोरोक में कविताएँ, कहानियाँ और नाटक लिखकर इसे सम...

ZANZIBAR

 जांज़ीबार (Zanzibar) पूर्वी अफ्रीका में स्थित तंजानिया का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है, जो हिंद महासागर में बसा हुआ एक सुंदर द्वीपसमूह है। यह मुख्य रूप से दो बड़े द्वीपों—उंगुजा (जिसे आमतौर पर जांज़ीबार कहा जाता है) और पेम्बा—से मिलकर बना है। जांज़ीबार अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सफेद रेतीले समुद्र तटों, नीले स्वच्छ पानी और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इतिहास की दृष्टि से जांज़ीबार का महत्व अत्यंत विशेष रहा है। प्राचीन काल में यह व्यापार का प्रमुख केंद्र था, जहाँ अरब, फारसी, भारतीय और यूरोपीय व्यापारी मसालों, हाथीदांत और अन्य वस्तुओं का व्यापार करते थे। 19वीं शताब्दी में यह ओमान के सुल्तान के अधीन रहा और बाद में ब्रिटिश शासन में आया। 1964 में जांज़ीबार ने तंगानिका के साथ मिलकर तंजानिया गणराज्य का गठन किया। जांज़ीबार को “आइलैंड ऑफ क्लोव्स” यानी “लौंग का द्वीप” भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ लौंग और अन्य मसालों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। मसालों की खेती यहाँ की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्यटन भी आय का प्रमुख स्रोत है। स्टोन टाउन, जो यूनेस्को ...

ANNA COMMUNITY RADIO

अन्ना कम्युनिटी रेडियो (Anna Community Radio) भारत का पहला सामुदायिक रेडियो स्टेशन माना जाता है, जिसकी स्थापना वर्ष 2004 में चेन्नई स्थित अन्ना विश्वविद्यालय में की गई थी। इसे आमतौर पर “अन्ना एफएम (Anna FM)” के नाम से भी जाना जाता है। इस रेडियो स्टेशन की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाना था। यह पहल भारत में सामुदायिक रेडियो आंदोलन की एक महत्वपूर्ण शुरुआत साबित हुई। अन्ना कम्युनिटी रेडियो की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह “समुदाय द्वारा, समुदाय के लिए” संचालित होता है। इसमें विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक और स्थानीय नागरिक मिलकर कार्यक्रमों की योजना बनाते और प्रस्तुत करते हैं। इसके कार्यक्रमों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, विज्ञान, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर आधारित सामग्री शामिल होती है। यह रेडियो मुख्य रूप से स्थानीय भाषा में प्रसारण करता है, जिससे आसपास के लोगों को जानकारी सरल और प्रभावी तरीके से मिल सके। इस रेडियो स्टेशन की स्थापना में प्रसारण विशेषज्ञ डॉ. रामामूर्ति श्रीधर की महत्वपूर्ण भूमिका रही, ज...