CHAKOTRA
चकोत्रा (ग्रेपफ्रूट)
चकोत्रा, जिसे अंग्रेज़ी में ग्रेपफ्रूट (Grapefruit) कहा जाता है, एक पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर फल है। यह साइट्रस वर्ग का फल है और आकार में संतरे से बड़ा होता है। चकोत्रा का छिलका मोटा तथा पीले या हल्के हरे रंग का होता है, जबकि इसका गूदा सफेद, गुलाबी या लाल रंग का हो सकता है। स्वाद में यह खट्टा-मीठा और हल्का कड़वा होता है, जो इसे अन्य फलों से अलग पहचान देता है।
चकोत्रा में विटामिन-C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है। इसके अलावा इसमें विटामिन-A, पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी होते हैं। नियमित रूप से चकोत्रा खाने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है और कब्ज की समस्या में लाभ मिलता है। यह वजन नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है, इसलिए डाइट पर रहने वाले लोगों के लिए यह एक उत्तम फल है।
औषधीय दृष्टि से चकोत्रा का विशेष महत्व है। यह हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है तथा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है। मधुमेह रोगियों के लिए भी सीमित मात्रा में चकोत्रा उपयोगी माना जाता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक शर्करा कम होती है। सर्दी-जुकाम और बुखार में इसका रस शरीर को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करता है।
चकोत्रा की खेती उष्ण और उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में की जाती है। भारत में इसकी खेती मुख्यतः महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ भागों में होती है। इसके फल का उपयोग जूस, सलाद, मुरब्बा और जैम बनाने में किया जाता है।
इस प्रकार चकोत्रा न केवल स्वादिष्ट फल है, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर होने के कारण मानव जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता
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