MUSTARD OIL

 सरसों का तेल (Mustard Oil)

सरसों का तेल भारतीय रसोई में प्राचीन काल से उपयोग किया जाने वाला एक प्रमुख खाद्य तेल है। इसे अंग्रेज़ी में मस्टर्ड ऑयल (Mustard Oil) कहा जाता है। भारत के उत्तर और पूर्वी हिस्सों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम में सरसों के तेल का विशेष महत्व है। इसका तीखा स्वाद और सुगंध भोजन को अलग पहचान देते हैं।

सरसों का तेल सरसों के बीजों से निकाला जाता है। पारंपरिक तरीके से इसे कोल्हू में दबाकर निकाला जाता है, जिससे इसका प्राकृतिक गुण बना रहता है। सरसों का तेल दो प्रकार का होता है—कच्चा और परिष्कृत (रिफाइंड)। कच्चे सरसों के तेल का उपयोग आमतौर पर अचार, सब्ज़ी और तड़के में किया जाता है, जबकि रिफाइंड तेल हल्के स्वाद के लिए पसंद किया जाता है।

पोषण की दृष्टि से सरसों का तेल अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहायक है। सरसों के तेल में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड भी होते हैं, जो शरीर के लिए आवश्यक हैं।

सरसों का तेल जीवाणुनाशक और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है। सर्दियों में इससे मालिश करने से शरीर में गर्माहट आती है और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। यह त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी है तथा बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है। हालाँकि, अत्यधिक मात्रा में सरसों के तेल का सेवन हानिकारक हो सकता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए। कुल मिलाकर सरसों का तेल स्वास्थ्य, स्वाद और परंपरा—तीनों का उत्तम संगम है।

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