GANGADHAR RAO KI CHHATRI
गंगाधर राव की छतरी
गंगाधर राव की छतरी मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक नगर ओरछा में स्थित एक प्रसिद्ध स्मारक है। यह छतरी बुंदेलखंड के शासक महाराज गंगाधर राव की स्मृति में निर्मित की गई थी। ओरछा अपनी भव्य छतरियों, किलों और महलों के लिए जाना जाता है, जिनमें गंगाधर राव की छतरी का विशेष स्थान है। यह स्मारक बुंदेला स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।
गंगाधर राव बुंदेला वंश के एक प्रभावशाली शासक थे। उनकी मृत्यु के बाद उनकी स्मृति को अमर बनाए रखने के लिए इस छतरी का निर्माण किया गया। छतरी का निर्माण ऊँचे चबूतरे पर किया गया है, जिससे यह दूर से ही आकर्षक दिखाई देती है। इसके चारों ओर खुले मंडप और ऊपर सुंदर गुंबद इसकी शान बढ़ाते हैं। छतरी के स्तंभों पर की गई बारीक नक्काशी उस समय के कारीगरों की उच्च कला-कुशलता को दर्शाती है।
इस स्मारक की दीवारों और स्तंभों पर देवी-देवताओं, पुष्प आकृतियों और ज्यामितीय डिज़ाइनों की नक्काशी देखने को मिलती है। गंगाधर राव की छतरी के पास अन्य बुंदेला शासकों की छतरियाँ भी स्थित हैं, जिससे यह क्षेत्र एक ऐतिहासिक स्मारक समूह का रूप ले लेता है। यह स्थान बेतवा नदी के तट के निकट होने के कारण प्राकृतिक सौंदर्य से भी भरपूर है।
आज गंगाधर राव की छतरी पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यह स्मारक न केवल बुंदेलखंड के गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है, बल्कि भारतीय स्थापत्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को भी उजागर करता है।
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