AGNIGARH ASOM
अग्निगढ़, असम
अग्निगढ़ असम राज्य का एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थल है, जो ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित तेजपुर नगर में स्थित है। यह स्थान भारतीय पुराणों में वर्णित बाणासुर, उषा और अनिरुद्ध की प्रसिद्ध प्रेम कथा से जुड़ा हुआ है। अग्निगढ़ न केवल असम, बल्कि पूरे भारत में अपनी पौराणिक महत्ता और सुंदर प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, बाणासुर भगवान शिव का परम भक्त और शक्तिशाली असुर राजा था। उसकी पुत्री उषा ने भगवान कृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध से प्रेम किया। जब यह बात बाणासुर को ज्ञात हुई, तो उसने अनिरुद्ध को बंदी बना लिया। कहा जाता है कि उषा को अनिरुद्ध से दूर रखने के लिए बाणासुर ने इस स्थान को चारों ओर से अग्नि से घेर दिया था, इसी कारण इस स्थल का नाम “अग्निगढ़” पड़ा। बाद में भगवान कृष्ण ने बाणासुर का युद्ध में पराजय कर अनिरुद्ध को मुक्त कराया।
अग्निगढ़ पहाड़ी पर स्थित है और यहाँ से ब्रह्मपुत्र नदी तथा तेजपुर नगर का मनोहारी दृश्य दिखाई देता है। वर्तमान समय में इस स्थल को एक सुंदर उद्यान के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ पौराणिक कथाओं को दर्शाती कई आकर्षक मूर्तियाँ और शिल्पकृतियाँ स्थापित हैं, जो पर्यटकों को इसकी कथा से परिचित कराती हैं। हरी-भरी हरियाली, फूलों की क्यारियाँ और शांत वातावरण इसे एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनाते हैं।
अग्निगढ़ का सांस्कृतिक महत्व भी अत्यधिक है। यह स्थल असम की प्राचीन संस्कृति, धार्मिक आस्था और साहित्यिक परंपराओं को दर्शाता है। स्थानीय त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान यहाँ विशेष रौनक देखने को मिलती है।
इस प्रकार अग्निगढ़ इतिहास, पौराणिक कथाओं और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है। यह स्थान न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि असम की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है।
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