FOLK DANCE OF BHUTAN

 भूटान के लोक नृत्य उसकी बौद्ध संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पर्व–त्योहारों से गहराई से जुड़े हुए हैं। भूटानी नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना और सामाजिक एकता का माध्यम भी हैं। भूटान में लोक नृत्यों को सामूहिक रूप से “चाम (Cham)” परंपरा से जोड़ा जाता है, हालांकि इसके अलावा भी कई लोक एवं सामाजिक नृत्य प्रचलित हैं।

भूटान के प्रमुख लोक नृत्य

1. चाम नृत्य (Cham Dance)

चाम भूटान का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक लोक नृत्य है। यह बौद्ध मठों में भिक्षुओं द्वारा मुखौटे पहनकर किया जाता है। इसमें देवताओं, राक्षसों और पशु रूपों के मुखौटे प्रयोग होते हैं। यह नृत्य बुराई पर अच्छाई की विजय और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है। चाम नृत्य त्शेचु (Tshechu) उत्सवों का मुख्य आकर्षण होता है।

2. ड्रम नृत्य (Drum Dance / Ngacham)

इस नृत्य में कलाकार पारंपरिक ढोल बजाते हुए लयबद्ध गतियों के साथ नृत्य करते हैं। यह नृत्य धार्मिक और सामाजिक दोनों अवसरों पर किया जाता है और सामूहिक उल्लास का प्रतीक है।

3. बोए नृत्य (Boedra Dance)

बोए नृत्य एक लोकप्रिय लोक नृत्य है, जिसमें प्रेम, प्रकृति और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों को गीतों और नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। यह अपेक्षाकृत सरल और जीवंत नृत्य है।

4. झुंगद्रा नृत्य (Zhungdra Dance)

यह नृत्य पारंपरिक भूटानी संगीत शैली पर आधारित है। इसमें धीमी और नियंत्रित गतियाँ होती हैं, जो भूटानी शिष्टाचार और गरिमा को दर्शाती हैं।

5. तलप नृत्य (Tsolom / Shabdro Dance)

यह मुखौटा नृत्य योद्धाओं और रक्षात्मक देवताओं से संबंधित है। इसमें वीरता और साहस का भाव दिखाई देता है।

निष्कर्ष

भूटान के लोक नृत्य उसकी सांस्कृतिक पहचान और बौद्ध दर्शन को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं। ये नृत्य न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक शांति, अनुशासन और सामूहिकता की भावना भी उत्पन्न करते हैं।

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