DIFFERENCE BETWEEN DHABA AND RESTAURANT
ढाबा और रेस्टोरेंट में अंतर
भारत में भोजन संस्कृति अत्यंत विविधतापूर्ण है। यहां ढाबा और रेस्टोरेंट दोनों ही लोगों की भोजन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, लेकिन दोनों की प्रकृति, वातावरण और सेवा में स्पष्ट अंतर पाया जाता है।
ढाबा सामान्यतः सड़क किनारे, हाईवे या गांव-कस्बों के पास स्थित एक साधारण भोजनालय होता है। ढाबों की शुरुआत यात्रियों और ट्रक चालकों की सुविधा के लिए हुई थी। यहां परोसने वाला भोजन सादा, देसी और पारंपरिक होता है, जैसे दाल, सब्ज़ी, रोटी, पराठा और चावल। ढाबों में मेन्यू सीमित होता है, लेकिन स्वाद प्रायः घर जैसा होता है। बैठने की व्यवस्था भी साधारण होती है, कई बार चारपाई या खुले स्थान में टेबल-कुर्सी लगी होती है। सेवा शैली अनौपचारिक और अपनत्व से भरी होती है। ढाबों में भोजन की कीमत अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे आम लोग आसानी से वहां खाना खा सकते हैं।
इसके विपरीत, रेस्टोरेंट एक व्यवस्थित और आधुनिक भोजन स्थल होता है। ये प्रायः शहरों, मॉल, होटल या व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थित होते हैं। रेस्टोरेंट में भोजन की कई श्रेणियां मिलती हैं, जैसे भारतीय के साथ-साथ चाइनीज, इटैलियन और कॉन्टिनेंटल भोजन। इनका मेन्यू विस्तृत और आकर्षक होता है। बैठने की व्यवस्था आरामदायक, सुसज्जित और अक्सर वातानुकूलित होती है। रेस्टोरेंट में सेवा औपचारिक और पेशेवर होती है तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यहां भोजन की कीमत ढाबों की तुलना में अधिक होती है।
निष्कर्षतः, ढाबा सस्ते, स्वादिष्ट और देसी भोजन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि रेस्टोरेंट आराम, विविधता और आधुनिक अनुभव प्रदान करता है। दोनों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं और समय, आवश्यकता व बजट के अनुसार लोग इनमें से किसी का भी चयन करते
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