BANASUR FORT UTTARAKHAND

 बाणासुर किला 

बाणासुर किला एक प्राचीन और ऐतिहासिक दुर्ग है, जिसका नाम पौराणिक असुर राजा बाणासुर के नाम पर पड़ा माना जाता है। यह किला भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित माना जाता है और स्थानीय लोककथाओं व धार्मिक मान्यताओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। बाणासुर का उल्लेख पुराणों में भगवान शिव के परम भक्त तथा सहस्रबाहु (हजार भुजाओं वाले) शक्तिशाली राजा के रूप में मिलता है, जिनकी कथा अनिरुद्ध–उषा प्रसंग से भी जुड़ी है।

किले की बनावट प्राचीन स्थापत्य कला का उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह ऊँचे पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहाँ से आसपास की घाटियों और प्राकृतिक दृश्यों का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। किले की दीवारें मोटे पत्थरों से बनी हैं, जिनमें सुरक्षा की दृष्टि से बुर्ज और प्रवेश द्वार बनाए गए थे। समय के साथ यह किला खंडहर में बदल गया है, फिर भी इसके अवशेष आज भी इसके वैभवशाली अतीत की कहानी कहते हैं।

बाणासुर किले का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। स्थानीय लोग इसे आस्था के केंद्र के रूप में देखते हैं और इससे जुड़ी कथाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती हैं। कहा जाता है कि इस क्षेत्र में बाणासुर ने तपस्या की थी और भगवान शिव की कृपा प्राप्त की थी। इसी कारण आसपास के क्षेत्र में शिव-पूजा की परंपरा प्रचलित है।

पर्यटन की दृष्टि से बाणासुर किला एक शांत और आकर्षक स्थल है। यहाँ आने वाले पर्यटक इतिहास, पौराणिक कथाओं और प्रकृति का अनूठा संगम अनुभव करते हैं। यद्यपि यह किला अन्य प्रसिद्ध दुर्गों जितना विकसित पर्यटन स्थल नहीं है, फिर भी साहसिक यात्रियों, इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए यह विशेष आकर्षण रखता है।

इस प्रकार बाणासुर किला इतिहास, मिथक और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करता है।

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