DIFFERENCE BETWEEN DMU AND MEMU
DMU और MEMU के बीच अंतर
भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न प्रकार की उपनगरीय और अल्प दूरी की ट्रेनें चलाई जाती हैं, जिनमें DMU (डीज़ल मल्टीपल यूनिट) और MEMU (मेन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) प्रमुख हैं। दोनों का उद्देश्य कम दूरी पर अधिक यात्रियों को सस्ती और तेज़ यात्रा सुविधा देना है, लेकिन इनके संचालन और तकनीक में स्पष्ट अंतर है।
DMU ऐसी ट्रेन होती है जो डीज़ल इंजन से संचालित होती है। इसमें अलग से इंजन नहीं लगाया जाता, बल्कि प्रत्येक कोच या कुछ कोचों में इंजन और नियंत्रण प्रणाली लगी होती है। DMU का उपयोग मुख्यतः उन रेल मार्गों पर किया जाता है जहाँ अभी तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है। यह ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अधिक प्रचलित है। डीज़ल पर आधारित होने के कारण इसका संचालन खर्च अपेक्षाकृत अधिक होता है और इससे प्रदूषण भी होता है।
इसके विपरीत MEMU पूरी तरह विद्युत ऊर्जा से चलने वाली ट्रेन है। यह ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन से बिजली लेकर संचालित होती है। MEMU का उपयोग उन्हीं मार्गों पर किया जा सकता है जहाँ रेलवे लाइन का विद्युतीकरण हो चुका हो। विद्युत चालित होने के कारण MEMU पर्यावरण के अनुकूल होती है, कम शोर करती है और ईंधन खर्च भी कम आता है। इसकी गति और त्वरण (एक्सीलरेशन) भी DMU की तुलना में बेहतर होता है, जिससे यह उपनगरीय यात्राओं के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती है।
संरचना की दृष्टि से दोनों में समानता है क्योंकि इनमें अलग इंजन नहीं होता, लेकिन ऊर्जा स्रोत के कारण इनके रखरखाव और परिचालन में अंतर आ जाता है। DMU का रखरखाव डीज़ल इंजन से जुड़ा होता है, जबकि MEMU में विद्युत उपकरणों और मोटरों की देखरेख आवश्यक होती है।
इस प्रकार कहा जा सकता है कि गैर-विद्युतीकृत मार्गों के लिए DMU और विद्युतीकृत मार्गों के लिए MEMU अधिक उपयुक्त हैं। दोनों ही ट्रेनों का भारतीय रेलवे में महत्वपूर्ण स्थान है और ये दैनिक यात्रियों की यात्रा को सरल और सुगम बनाती हैं।
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