FLORA AND FAUNA OF ODISHA

 ओडिशा की वनस्पति और जीव-जंतु (Flora and Fauna of Odisha)

ओडिशा भारत के पूर्वी तट पर स्थित एक प्राकृतिक रूप से समृद्ध राज्य है। यहाँ विविध भौगोलिक परिस्थितियाँ—पर्वत, पठार, नदी घाटियाँ और समुद्री तट—पाई जाती हैं, जिनके कारण राज्य में वनस्पति और जीव-जंतुओं की अत्यंत विविधता देखने को मिलती है।

ओडिशा की वनस्पति (Flora)

ओडिशा का लगभग एक-तिहाई क्षेत्र वनाच्छादित है। यहाँ मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन पाए जाते हैं। साल (Sal) राज्य का प्रमुख वृक्ष है, जो मयूरभंज, सुंदरगढ़ और कंधमाल जिलों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा सागौन, शीशम, महुआ, बांस, तेंदू, अर्जुन और पलाश जैसे वृक्ष भी व्यापक रूप से मिलते हैं। तटीय क्षेत्रों में मैंग्रोव वनस्पति पाई जाती है, जो चक्रवात और समुद्री कटाव से तट की रक्षा करती है। भितरकनिका क्षेत्र के मैंग्रोव वन विश्व प्रसिद्ध हैं। औषधीय पौधों की दृष्टि से भी ओडिशा समृद्ध है, जिनका उपयोग जनजातीय समुदाय पारंपरिक चिकित्सा में करते हैं।

ओडिशा के जीव-जंतु (Fauna)

ओडिशा का वन्यजीवन अत्यंत विविध और समृद्ध है। यहाँ हाथी, बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरण, सांभर और जंगली सूअर जैसे प्रमुख स्तनधारी पाए जाते हैं। सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान बाघ अभयारण्य के रूप में प्रसिद्ध है। भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान खारे पानी के मगरमच्छों और दुर्लभ सरीसृपों के लिए जाना जाता है। चिल्का झील प्रवासी पक्षियों का प्रमुख केंद्र है, जहाँ सर्दियों में हजारों पक्षी आते हैं। ओडिशा का तट ओलिव रिडले कछुओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जो गहिरमाथा और रुशिकुल्या तट पर अंडे देते हैं।

इस प्रकार, ओडिशा की वनस्पति और जीव-जंतु राज्य की प्राकृतिक विरासत हैं, जिनका संरक्षण पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

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