VALMIKI TIGER RESERVE

 वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (Valmiki Tiger Reserve)

वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व बिहार राज्य का एकमात्र टाइगर रिज़र्व है, जो पश्चिम चंपारण ज़िले में भारत–नेपाल सीमा के निकट स्थित है। यह अभयारण्य हिमालय की तराई क्षेत्र में फैला हुआ है और अपनी समृद्ध जैव-विविधता, घने वनों तथा प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। वर्ष 1989 में इसे वन्यजीव अभयारण्य का दर्जा मिला और 1994 में इसे टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया। इसका नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है, जिनसे जुड़ी अनेक पौराणिक कथाएँ इस क्षेत्र से संबंधित मानी जाती हैं।

वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व का कुल क्षेत्रफल लगभग 900 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें घने साल वन, मिश्रित पर्णपाती वन, घास के मैदान और नदियाँ शामिल हैं। गंडक, हरहा और मसाण जैसी नदियाँ इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी को समृद्ध बनाती हैं। यहाँ की भौगोलिक स्थिति इसे वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास प्रदान करती है।

यह रिज़र्व मुख्य रूप से बंगाल टाइगर के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहाँ तेंदुआ, भालू, भेड़िया, हिरण, सांभर, चीतल, जंगली सूअर और अनेक सरीसृप प्रजातियाँ पाई जाती हैं। पक्षी प्रेमियों के लिए भी यह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं।

वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व न केवल वन्यजीव संरक्षण का केंद्र है, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह क्षेत्र स्थानीय जनजातियों और ग्रामीण समुदायों की आजीविका से भी जुड़ा हुआ है। सरकार और वन विभाग द्वारा यहाँ ईको-टूरिज़्म को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

इस प्रकार वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व बिहार की प्राकृतिक धरोहर है और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में इसका विशेष महत्व है।

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