DIFFERENCE BETWEEN HIGH COMMISSIONER AND AMBASSADOR

 उच्चायुक्त (High Commissioner) और राजदूत (Ambassador) के बीच अंतर

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उच्चायुक्त और राजदूत दोनों ही अपने देश का प्रतिनिधित्व दूसरे देशों में करते हैं, लेकिन इनके पद, नियुक्ति और कार्यक्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं।

1. नियुक्ति का आधार

राजदूत (Ambassador) उन देशों में नियुक्त किया जाता है जो राष्ट्रमंडल (Commonwealth) के सदस्य नहीं होते।

उच्चायुक्त (High Commissioner) की नियुक्ति केवल राष्ट्रमंडल देशों के बीच की जाती है, जैसे भारत–ब्रिटेन, भारत–ऑस्ट्रेलिया आदि।

2. प्रतिनिधित्व का स्वरूप

राजदूत अपने देश के राष्ट्राध्यक्ष (President/King) का प्रतिनिधित्व करता है।

उच्चायुक्त राष्ट्राध्यक्ष के बजाय अपने देश की सरकार का प्रतिनिधित्व करता है।

3. मान्यता-पत्र (Credentials)

राजदूत दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष को परिचय-पत्र (Letter of Credence) प्रस्तुत करता है।

उच्चायुक्त परिचय-पत्र नहीं, बल्कि सरकार-से-सरकार के स्तर पर मान्यता प्राप्त करता है।

4. कार्य और दायित्व

दोनों के कार्य लगभग समान होते हैं—

द्विपक्षीय संबंध मजबूत करना

राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना

अपने देश के नागरिकों और हितों की रक्षा करना

अंतर मुख्यतः औपचारिक और प्रोटोकॉल से संबंधित होता है।

5. कार्यालय

राजदूत जिस कार्यालय में कार्य करता है उसे दूतावास (Embassy) कहते हैं।

उच्चायुक्त का कार्यालय उच्चायोग (High Commission) कहलाता है।


Comments

Popular posts from this blog

GUJARATI ALPHABETS AND SYMBOLS

MAHUA BAGH GHAZIPUR