DIFFERENCE BETWEEN SHATABDI AND RAJDHANI EXPRESS
शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस के बीच अंतर
भारतीय रेलवे की शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस दोनों ही प्रीमियम श्रेणी की तेज़ रफ्तार ट्रेनें हैं। इनका उद्देश्य यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा सुविधा देना है, लेकिन इनके संचालन, सुविधाओं और यात्रा पैटर्न में कई महत्वपूर्ण अंतर हैं।
राजधानी एक्सप्रेस की शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली को विभिन्न राज्यों की राजधानियों से जोड़ने के लिए की गई थी। यह लंबी दूरी की ट्रेन होती है और सामान्यतः रात में चलती है। राजधानी में केवल एसी कोच होते हैं, जैसे एसी फर्स्ट क्लास, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर। यात्रियों को बिस्तर, कंबल और तकिया जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं। भोजन और नाश्ता किराए में शामिल होता है। राजधानी एक्सप्रेस बहुत कम स्टेशनों पर रुकती है, जिससे यह तेज़ और समय की पाबंद मानी जाती है।
दूसरी ओर शताब्दी एक्सप्रेस मुख्यतः मध्यम दूरी के लिए चलाई जाती है और प्रायः दिन के समय संचालित होती है। यह किसी बड़े शहर को राजधानी या महत्वपूर्ण शहर से जोड़ती है। शताब्दी में एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार कोच होते हैं, जिनमें बैठकर यात्रा की जाती है, सोने की सुविधा नहीं होती। इसमें भी भोजन किराए में शामिल रहता है, लेकिन यह हल्का नाश्ता या भोजन होता है। शताब्दी एक्सप्रेस सुबह चलकर शाम तक गंतव्य पर पहुँच जाती है।
गति की दृष्टि से दोनों ट्रेनें तेज़ हैं, लेकिन लंबी दूरी और कम ठहराव के कारण राजधानी को अधिक प्राथमिकता दी जाती है। किराया आम ट्रेनों की तुलना में दोनों का अधिक होता है।
संक्षेप में कहा जाए तो राजधानी एक्सप्रेस लंबी दूरी की, रात में चलने वाली, शयन सुविधा वाली प्रीमियम ट्रेन है, जबकि शताब्दी एक्सप्रेस दिन में चलने वाली, बैठकर यात्रा करने की तेज़ और सुविधाजनक ट्रेन है।
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