DRONAGIRI MOUNTAIN

 द्रोणागिरि पर्वत (Dronagiri Mountain) 

द्रोणागिरि पर्वत भारत का एक प्रसिद्ध और पौराणिक महत्व वाला पर्वत है। यह पर्वत मुख्य रूप से रामायण से जुड़ी अपनी कथा के कारण जाना जाता है। मान्यता है कि यही वह पर्वत है जहाँ संजीवनी बूटी सहित अनेक दुर्लभ औषधियाँ पाई जाती थीं। द्रोणागिरि पर्वत को उत्तराखंड राज्य में स्थित माना जाता है और इसे हिमालय पर्वत श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण भाग माना जाता है।

रामायण के अनुसार, लंका युद्ध के समय मेघनाद के शक्तिशाली अस्त्र से लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे। वैद्य सुषेण ने बताया कि लक्ष्मण को बचाने के लिए संजीवनी बूटी आवश्यक है, जो केवल द्रोणागिरि पर्वत पर ही मिलती है। तब श्रीराम के आदेश पर हनुमान जी संजीवनी लाने के लिए द्रोणागिरि पर्वत की ओर गए। पर्वत पर पहुँचने के बाद हनुमान जी संजीवनी बूटी को पहचान नहीं पाए, इसलिए वे पूरा पर्वत ही उठाकर लंका ले आए। इसी कारण द्रोणागिरि पर्वत भारतीय जनमानस में अमर हो गया।

द्रोणागिरि पर्वत का धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। इसे औषधियों का भंडार माना जाता है और आयुर्वेद से भी इसका संबंध जोड़ा जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहाँ आज भी अनेक दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ पाई जाती हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता है। इस पर्वत को “दुनागिरि” के नाम से भी जाना जाता है।

प्राकृतिक दृष्टि से द्रोणागिरि पर्वत अत्यंत सुंदर है। यहाँ बर्फ से ढकी चोटियाँ, घने वन, शुद्ध वायु और शांत वातावरण मिलता है। धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के कारण द्रोणागिरि पर्वत श्रद्धालुओं, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यह पर्वत भारतीय संस्कृति में भक्ति, साहस और सेवा भावना का प्रतीक माना जाता है।

Comments

Popular posts from this blog

GUJARATI ALPHABETS AND SYMBOLS

MAHUA BAGH GHAZIPUR