PADMSRI MAHENDRA NATH ROY
पद्मश्री महेंद्र नाथ रॉय (Mahendra Nath Roy) एक प्रतिष्ठित केमिस्ट्री प्रोफेसर, सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् हैं जिन्हें भारत सरकार द्वारा 2026 के पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के तहत उन्हें “Unsung and Unique Hero” यानी ऐसे अदृश्य और अनजान नायकों में शामिल किया गया, जिन्होंने बिना किसी शो-शोर के समाज और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
महेंद्र नाथ रॉय खेतिहर परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने अपने जीवन में कठिनाइयों का सामना करते हुए शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। पद्मश्री सम्मान की घोषणा के बाद उन्होंने कहा कि यह “उनके खामोश कार्यों” को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने जैसा है, और यह सम्मान उन्होंने अपने माता-पिता, शिक्षकों और समाज को समर्पित किया।
वे एक प्रख्यात रसायन विज्ञान (Chemistry) प्रोफेसर रहे हैं और नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी में केमिस्ट्री के पूर्व डीन (Dean of Faculties of Sciences, Arts, Commerce & Law) के रूप में भी कार्य किया है। इसके अलावा वे अलिपुरद्वार यूनिवर्सिटी (Alipurduar University) के संस्थापक कुलपति (Founding Vice-Chancellor) भी रहे हैं, जहाँ उन्होंने शिक्षा को ज्यादा सुलभ और समाज-केंद्रित बनाने की दिशा में प्रयास किए।
रॉय ने अपने जीवन-सफर में आर्थिक परेशानियाँ, सामाजिक बाधाएँ और व्यक्तिगत संघर्षों को पार किया और समाज के उत्थान तथा शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रूप से काम किया। उन्होंने कहा कि लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही उनके काम करने की सबसे बड़ी प्रेरणा रही है।
संक्षेप में, पद्मश्री महेंद्र नाथ रॉय एक ऐसे शिक्षाविद् और समाजसेवी हैं जिनका जीवन “सेवा, संघर्ष और समर्पण” की मिसाल है, और 2026 के पद्मश्री सम्मान के माध्यम से उनके काम को राष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है।

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