VARIETY OF COTTON SAREE

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कॉटन साड़ी भारतीय परिधान का एक महत्वपूर्ण और आरामदायक रूप है। यह विशेष रूप से गर्म मौसम में पहनने के लिए उपयुक्त होती है, क्योंकि सूती कपड़ा हल्का, मुलायम और पसीना सोखने वाला होता है। भारत के अलग-अलग राज्यों में कॉटन साड़ियों की अनेक सुंदर और पारंपरिक किस्में पाई जाती हैं।

महेश्वरी और चंदेरी साड़ी मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध सूती साड़ियाँ हैं। ये हल्की, आकर्षक बॉर्डर और सुंदर डिज़ाइन के लिए जानी जाती हैं। तांत साड़ी पश्चिम बंगाल की पारंपरिक कॉटन साड़ी है, जो हल्की और दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त होती है।

कोटा डोरिया साड़ी राजस्थान की प्रसिद्ध साड़ी है, जिसकी बुनाई जालीदार और पारदर्शी होती है। यह बहुत हल्की और गर्मियों के लिए आरामदायक मानी जाती है। सांबलपुरी साड़ी ओडिशा की खास पहचान है, जिसमें पारंपरिक इकट (Ikat) बुनाई और सुंदर डिज़ाइन होते हैं।

दक्षिण भारत में चेत्तीनाड कॉटन साड़ी और केरल की कसावु कॉटन साड़ी लोकप्रिय हैं। कसावु साड़ी सफेद या क्रीम रंग की होती है, जिसमें सुनहरी किनारी होती है और इसे त्योहारों व विशेष अवसरों पर पहना जाता है।

इसके अलावा, खादी कॉटन साड़ी भी बहुत प्रसिद्ध है। यह हाथ से काते और बुने गए सूती धागों से बनती है तथा सादगी और स्वदेशी भावना का प्रतीक मानी जाती है।

आजकल कॉटन साड़ियों में आधुनिक प्रिंट, ब्लॉक प्रिंट, बाटिक और डिजिटल डिज़ाइन भी देखने को मिलते हैं, जिससे वे पारंपरिक के साथ-साथ फैशनेबल भी बन गई हैं।

इस प्रकार, कॉटन साड़ियों की विविधता भारत की समृद्ध कला, संस्कृति और हस्तकला को दर्शाती है। यह परिधान आराम, सुंदरता और परंपरा का सुंदर संगम है।

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