PADMSHRI CHARAN HEMBRAM
📌 चरण हेम्ब्रम – जीवनी
नाम: चरण हेम्ब्रम (Charan Hembram)
जन्म: 9 फरवरी 1952 (Mayurbhanj, Odisha, भारत) �
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🎓 शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
हेम्ब्रम का जन्म ओडिशा के नईगाँव (Nuagaon), Mayurbhanj जिले में हुआ।
उन्होंने संथाली भाषा, उसके शिक्षण और संस्कृति के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
उन्होंने Ol Chiki लिपि (संथाली की मान्यता प्राप्त लिपि) के प्रचार-प्रसार और शिक्षा के लिये महत्वपूर्ण काम किया।
📚 लेखन और योगदान
संथाली भाषा, संस्कृति और जनजातीय जीवन से संबंधित कई पुस्तकें लिखी हैं।
अपने समुदाय के बच्चों के लिए कई सीखने-सिखाने के केंद्र (Ol Itun Asra) स्थापित किये।
संथाली भाषा को स्कूलों में शामिल कराने और Ol Chiki को मान्यता दिलाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
नृत्य, संगीत और पारंपरिक कला-संस्कृति को भी संरक्षित करने का कार्य किया।
चरण हेम्ब्रम को भारत सरकार द्वारा Padma Shri 2026 के लिए चुना गया है।
यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके वर्षों-लंबे योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है।
उन्होंने इसे संथाली भाषा, संस्कृति और जनजाति समुदाय के नाम पर प्राप्त सम्मान बताया है।
संक्षेप में — चरण हेम्ब्रम कौन हैं?
चरण हेम्ब्रम एक वरिष्ठ संथाली साहित्यकार, शिक्षक और समाजसेवी हैं, जिन्होंने:
संथाली भाषा को सशक्त किया
शिक्षा के क्षेत्र में काम किया
जनजातीय संस्कृति, नृत्य और कला को संरक्षित किया
Ol Chiki लिपि के प्रचार-प्रसार में योगदान दिया
Padma Shri 2026 से सम्मानित किये जाने वाले प्रमुख भारतीयों में से एक हैं

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