JANARDAN BAPURAO BOTHE


 यह जनार्दन बापूराव बोथे (Janardan Bapurao Bothe) 
जनार्दन बापूराव बोथे महाराष्ट्र के अखिल भारतीय श्री गुरूदेव सेवा मंडळ के महासचिव (General Secretary) हैं और उन्हें 2026 में सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा “पद्मश्री” सम्मान से सम्मानित किया गया है। उन्होंने अपने जीवन को राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के विचारों और कार्यों का प्रचार–प्रसार, ग्रामीण विकास, शिक्षा और समाजसेवा के लिए समर्पित किया है। बोथे महाराज को गुरु मानते हैं और कहा कि यह पुरस्कार उनके आदर्शों और तुकडोजी महाराज के विचारों के सम्मान में समर्पित है। 
उनका जन्म और प्रारंभिक जीवन विदर्भ के तेओसा तालुका के मोझरी गाँव (अमरावती, महाराष्ट्र) से जुड़ा है, जहाँ से उन्होंने अपने सामाजिक अभियान की शुरुआत की। बोथे ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण उत्थान के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए हैं, जिसमें आदिवासी और वंचित समुदायों के लिए विशेष पहलें शामिल हैं। उनका मानना है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए न केवल प्रेरणा बल्कि कर्म भी आवश्यक है। 
पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद बोथे ने इसे स्वयं के लिए नहीं बल्कि गुरूदेव सेवा मंडळ के सभी अनुयायियों और तुकडोजी महाराज के अधरों पर समर्पित करने की बात कही है। यह सम्मान उनके जीवन के दे दान और समाज के लिए समर्पित सेवाओं का प्रतीक माना जाता है, जिसने विदर्भ सहित पूरे महाराष्ट्र में खुशी और गर्व का वातावरण बनाया है। 

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