PADMSRI ANKE GOWDA

 

Padma Shri से सम्मानित Anke Gowda 
📜 Anke Gowda — जीवन परिचय और उपलब्धियाँ
👤 कौन हैं Anke Gowda?
पूरा नाम: M. Anke Gowda
उम्र: लगभग 75 साल (2026 में)
जन्मस्थान: हरलाहल्ली गाँव, मंड्या ज़िला, कर्नाटक, भारत।
पद: सामाजिक कार्यकर्ता, लाइब्रेरियन, समाजसेवी।
सम्मान: Padma Shri 2026 (Unsung Heroes श्रेणी) से सम्मानित। 
📖 उनकी प्रेरणादायक यात्रा
🔹 साधारण शुरुआत:
Anke Gowda का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। बचपन में उनके पास किताबें कम थीं, पर उनका ज्ञान और पढ़ने का उत्साह लगातार बढ़ता गया।
🔹 शुरुआत एक बस कंडक्टर के रूप में:
20 वर्ष की उम्र में, जब वे बस में कंडक्टर के रूप में काम कर रहे थे, तब ही उन्होंने किताबें इकट्ठा करना शुरू किया। 
🔹 शिक्षा और नौकरी:
बाद में उन्होंने कन्नड़ साहित्य में मास्टर डिग्री हासिल की और लगभग 30 वर्षों तक एक शुगर फैक्ट्री में काम किया।
🔹 अपने घर को लाइब्रेरी में बदल दिया:
अपनी पढ़ाई और कमाई का लगभग 80% हिस्सा किताबों पर खर्च किया और बाद में उन्होंने मायसूरु में अपना घर भी बेच दिया ताकि और भी अधिक किताबें खरीदी जा सकें। 
📚 Pustaka Mane — ज्ञान का घर
📍 क्या है Pustaka Mane?
“Pustaka Mane” यानी बुक हाउस — Anke Gowda द्वारा स्थापित एक विशाल फ्री-एक्सेस लाइब्रेरी है जो हर किसी के लिए खुली है। 
📘 मुख्य बातें:
2 मिलियन से ज़्यादा किताबें (20 से ज़्यादा भारतीय और विदेशी भाषाओं में) हैं। 
दुर्लभ पांडुलिपियाँ, ऐतिहासिक प्रकाशन, 5,000 से अधिक शब्दकोश आदि भी शामिल हैं। 
इसमें कोई सदस्यता शुल्क नहीं है — हर कोई मुफ्त में आकर पढ़ सकता है। 
यह लाइब्रेरी शोधकर्ताओं, छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा उम्मीदवारों और यहां तक कि वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा भी उपयोग की जाती है। 
📍 लाइब्रेरी के साथ उनका जीवन:
वे और उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी लाइब्रेरी के भीतर ही साधारण जीवन जीते हैं — फर्श पर सोना, और एक छोटे से कोने में खाना बनाना — यह उनके संकल्प की गवाही है। 
🏆 Padma Shri 2026 — सम्मान
2026 के Padma Awards में Anke Gowda को Padma Shri से सम्मानित किया गया है
यह सम्मान भारत सरकार की तरफ़ से ज्ञान के प्रचार, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया है। 
📌 आज की स्थिति (Latest Updates)
✔️ Padma Shri 2026 सम्मान प्राप्त किया। �
✔️ Pustaka Mane दुनिया की सबसे बड़ी मुफ्त-पाठक लाइब्रेरी में से एक साबित हो रही है। �
✔️ लाइब्रेरी में पढ़ने वाले लोगों का पैमाना बढ़ रहा है — खासकर छात्रों और शोधकर्ताओं के बीच। �
✔️ उनके प्रयास अब आधिकारिक रूप से Anke Gowda Jnana Pratishthana Foundation के अंतर्गत व्यवस्थित किये जा रहे हैं। 
✨ समाज पर प्रभाव
Anke Gowda की कहानी एक उदाहरण है कि कैसे एक साधारण व्यक्ति ज्ञान को लोकतांत्रिक और सुलभ बनाने की सोच से समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है — बिना किसी लाभ की लालसा के। 

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