PADMSRI ANIL KUMAR RASTOGI
डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी एक बहुरूपी प्रतिभा हैं — वे वैज्ञानिक, रंगकर्मी, अभिनेता और समाजसेवी के रूप में समान रूप से पहचान रखते हैं। जनवरी **2026 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया है, जो देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, उनके कला और थिएटर के क्षेत्र में दीर्घकालिक और विशिष्ट योगदान के लिए।
रस्तोगी का जन्म उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत विज्ञान के क्षेत्र में की। वे केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI), लखनऊ में वैज्ञानिक के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने 41 साल से अधिक समय तक कार्य किया और अनेक शोध प्रकाशित किए।
विज्ञान के साथ-साथ उनका मन कला और अभिनय की ओर भी लगा। उन्होंने लगभग 64 वर्षों से अधिक समय से रंगमंच (थिएटर), रेडियो, टेलीविजन और फिल्मों में काम किया है — यह चारों माध्यमों में सक्रिय अभिनय का अनूठा उदाहरण है। � रस्तोगी ने 100 से अधिक नाटकों और 500 से अधिक टीवी एपिसोड, 70+ फिल्मों और 12 OTT सीरीज में अभिनय किया है। � उनके अभिनय के कुछ यादगार कार्यों में Ishaqzaade, Mukti Bhawan, Ashram जैसी फिल्मों और सीरीज़ शामिल हैं।
कलात्मक उपलब्धियों के अलावा, उन्होंने समाज सेवा में भी गहरा योगदान दिया है। अपने भाई के साथ मिलकर वे पिछले 27 वर्षों से “हरी ओम सेवा केन्द्र” के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सहायता, दवाइयाँ, रक्त, एम्बुलेंस और डायलिसिस किट आदि मुहैया कराते हैं।
उनकी कला के लिए उन्हें पहले भी कई पुरस्कार मिले हैं, जैसे संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, यश भारती, कलिदास सम्मान, UP संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार आदि। पद्म श्री सम्मान के अलावा ये सभी पुरस्कार उनके जीवन और कार्य की गहराई और बहुआयामी प्रतिभा का जीवन्त प्रमाण हैं।
डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी की कहानी यह दिखाती है कि कैसे विज्ञान और कला दोनों को साथ लेकर एक व्यक्ति राष्ट्रीय सम्मान तक पहुँच सकता है और साथ ही समाज के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बन सकता है।

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