PADMSRI JYOTISH DEBNATH
पद्मश्री ज्योतिष देबनाथ पश्चिम बंगाल के कलना के प्रतिष्ठित मसलिन-जामदानी (Jamdani muslin) शिल्पी हैं, जिन्हें 2026 के पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें भारत सरकार द्वारा कला और शिल्प के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए प्रदान किया गया है, जो कि देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। देबनाथ ने भारत की पारंपरिक और प्राचीन बुना-कारी कला को बचाए रखने, सुधारने और आगे बढ़ाने में दशकों तक निरंतर सेवा दी है। उनकी कलाकृति में विशेष रूप से हाथ से बुने गए मसलिन और जमदानी शाड़ियाँ शामिल हैं, जो न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी सूक्ष्मता, गुणवत्ता और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं।
ज्योतिष देबनाथ का जन्म लगभग 68 वर्ष पहले हुआ और उन्होंने पारिवारिक परंपरा के तहत बुना-कारी सीखना शुरू किया। उनके दादा देबेंद्रमोहन देबनाथ भी पहले इस कला में संलग्न थे और परिवार के साथ देश के विभाजन के बाद बंगाल के कलना-2 ब्लॉक के दत्तद्वारियाटन गाँव में बस गए। वहीं से देबनाथ ने अपने पिताजी से सीखकर इस शिल्प की गहरी समझ और कौशल हासिल किया। उन्होंने वर्षों से हाथ से शाड़ियाँ बुनने का कार्य किया है और अपनी कला के माध्यम से कई शिल्पकारों को प्रशिक्षित भी किया है, जिससे आज आसपास के कई लोग इस कला में आत्मनिर्भर हो चुके हैं। उनके द्वारा बनाई गई शाड़ियाँ राज्य और देश की सीमाओं से परे विदेशी बाजारों तक भी पहुंच चुकी हैं और उनकी गुणवत्ता की सराहना की जाती है।
देबनाथ ने पहले भी 2010 में राष्ट्रपति पुरस्कार सहित कई सम्मान प्राप्त किए हैं, लेकिन पद्म श्री सम्मान उनके जीवन और कला के लिए एक विशेष और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उनके परिवार में पत्नी और एक पुत्र है, जहां पत्नी भी बुना-कारी कार्य में समर्थ हैं और उन्होंने भी वर्षों तक इस कला को आगे बढ़ाने में सहयोग दिया है। देबनाथ का यह पुरस्कार न केवल उनके लिए बल्कि कलना के कलाकारों और मसलिन शिल्प की समृद्ध परंपरा के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।

Comments
Post a Comment