PADMSRI KALAMANDALAM VIMALA MENON

 

पद्मश्री कालामंडलम विमला मेनन (Kalamandalam Vimala Menon) 2026 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित की गई एक सुप्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना, अध्यापिका और मोहिनियट्टम (Mohiniyattam) की अग्रणी विदुषी हैं। उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान भारतीय शास्त्रीय नृत्य में उनकी लगभग ६३ वर्षों से भी अधिक समर्पित सेवा, शोध और शिक्षण के लिए दिया गया है। 
विमला मेनन का जन्म 7 जनवरी 1943 को त्रिस्सूर (थ्रिस्सूर), केरल में हुआ था और उन्होंने केरल कलामंडलम (Kerala Kalamandalam) से मोहिनियट्टम और भरतनाट्यम की शिक्षा प्राप्त की। वे केरल नाट्य अकादमी, तिरुवनंतपुरम की संस्थापक और निदेशक भी हैं, जहाँ उन्होंने हजारों छात्रों को मोहिनियट्टम में प्रशिक्षित किया है और इस नृत्य-शैली को मजबूत पारंपरिक जड़ों से जोड़ते हुए उसे आधुनिक संदर्भ में भी जीवंत किया है। 
विमला मेनन ने मोहिनियट्टम के पोशाक, मुद्रा और संगीत संयोजन में कई सुधार किये हैं, जिससे इस कला-रूप की प्रस्तुति और व्यापक जनता के बीच लोकप्रियता बढ़ी है। उनके विद्यार्थी पूरे देश में स्थापित कलाकार बने हैं और उन्होंने नृत्य के मंचों पर कई बार भारत तथा विदेशों में कला-दिन प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है। 
उनकी उपलब्धियों में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी शामिल है, जहाँ उन्होंने एक ही मंच पर १,२०० नृत्यांगनों के साथ मोहिनियट्टम का प्रदर्शन कराकर नाम दर्ज कराया था। इसके अलावा उन्हें पहले संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, केरल संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और अन्य राज्य-केन्द्रित सम्मान भी मिल चुके हैं। 
विमला मेनन ने यह सम्मान प्राप्त करने पर कहा है कि यह उनके जीवन-भर के नृत्य-सेवा और प्रशिक्षकों के सहयोग का परिणाम है, और उन्होंने अपने शिष्यों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। वे अब भी कला-शिक्षा के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य को आगे बढ़ाने के कार्य में सक्रिय हैं
संक्षेप में, पद्मश्री कालामंडलम विमला मेनन भारतीय शास्त्रीय नृत्य मोहिनियट्टम की एक महान गुरु और आदर्श प्रेरणा हैं, जिनका जीवन भारतीय कला-संस्कृति को संरक्षित और समृद्ध करने के लिए समर्पित रहा है। 

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