IAS PRIYANKA NIRANJAN
आईएएस प्रियंका निरंजन
श्रीमती प्रियंका निरंजन एक प्रमुख भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं, जो उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की हैं। वे अपनी सख्त प्रशासनिक शैली, ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और कानून व्यवस्था पर फोकस के लिए जानी जाती हैं। जनवरी 2026 तक, वे गोंडा जिले की जिलाधिकारी (District Magistrate and Collector) के पद पर तैनात हैं, जिसका चार्ज उन्होंने 28 जुलाई 2025 को ग्रहण किया था। यह उनका उत्तर प्रदेश में चौथा लगातार डीएम पद है (पहले जालौन, बस्ती और मिर्जापुर में कार्यरत रहीं)।
नवीनतम अपडेट्स (2026)
वर्तमान पद: गोंडा DM & Collector (जुलाई 2025 से जारी)। यहां वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों (घाघरा नदी से सटे इलाकों) का दौरा कर राहत कार्यों पर फोकस कर रही हैं, साथ ही ग्रामीण विकास और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में सक्रिय हैं।
प्रशासनिक शैली: फील्ड इंस्पेक्शन और जन-भागीदारी पर जोर। पहले जिलों में नदियों के पुनरुद्धार जैसे कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली थी।
कोई बड़ा बदलाव: 2026 में कोई नई ट्रांसफर या प्रमोशन की खबर नहीं। वे लगातार डिस्ट्रिक्ट लेवल पर ही तैनात हैं, जो सरकार की उनकी जमीनी अनुभव पर भरोसे को दर्शाता है।
प्रशंसा: सोशल मीडिया (X, Instagram, Facebook) पर उनकी प्रोफाइल और कार्यों की मोटिवेशनल पोस्ट्स वायरल हो रही हैं। PM मोदी ने पहले उनके नून नदी पुनरुद्धार कार्य की 'मन की बात' में तारीफ की थी।
जीवनी (संक्षिप्त परिचय)
जन्म: 1 अक्टूबर 1984, झांसी जिले की गरौठा तहसील (उत्तर प्रदेश) के पास जालौन में। (वर्तमान आयु: 41 वर्ष)।
शिक्षा:
स्कूली शिक्षा: जालौन से।
ग्रेजुएशन: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (अब प्रयागराज) से BA (समाजशास्त्र या इकोनॉमिक्स में)।
पोस्ट-ग्रेजुएशन: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से MA (Economics)।
रिसर्च स्कॉलर: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में।
UPSC सफर: 2012 सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की। पहले 4 अटेम्प्ट में असफल रहीं, लेकिन 5वें प्रयास में सफल हुईं – एक प्रेरणादायक कहानी।
करियर हाइलाइट्स:
2013 बैच IAS (उत्तर प्रदेश कैडर)।
प्रमुख पोस्टिंग्स:
DM जालौन: नून नदी (20 साल सूखी रही) का पुनरुद्धार – जन-भागीदारी से सफल, PM मोदी ने सराहा।
स्पेशल सेक्रेटरी, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, लखनऊ।
CDO मिर्जापुर।
DM बस्ती: मनोरमा नदी (130 किमी) का पुनरुद्धार शुरू किया – विश्व जल दिवस पर खुद फावड़ा चलाया।
DM मिर्जापुर: कर्णावती नदी संरक्षण – नेशनल वाटर अवॉर्ड मिला।
अब DM गोंडा (2025 से)।
योगदान: जल संरक्षण, ग्रामीण विकास, कानून व्यवस्था और जन-भागीदारी पर फोकस। हाथों-हाथ काम करने वाली अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। नदियों के पुनरुद्धार से हजारों किसानों को लाभ मिला।
दर्शन: प्रशासन को सिर्फ नियम नहीं, बल्कि लोगों की सेवा और जमीनी बदलाव मानती हैं। उनकी कहानी मेहनत, दृढ़ता और सेवा का प्रतीक है।
प्रियंका निरंजन उत्तर प्रदेश की उन IAS अधिकारियों में से हैं जो लगातार जिलों में मजबूत प्रशासन दे रही हैं। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है!
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