LUNGI
लुंगी भारतीय उपमहाद्वीप का एक पारंपरिक और आरामदायक परिधान है, जिसे मुख्य रूप से पुरुष पहनते हैं। यह एक आयताकार कपड़े का टुकड़ा होता है, जिसे कमर के चारों ओर लपेटकर पहना जाता है। लुंगी पहनना बहुत आसान होता है और यह गर्म मौसम में विशेष रूप से सुविधाजनक रहती है। भारत के दक्षिणी राज्यों जैसे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में लुंगी का व्यापक प्रचलन है। इसके अलावा बंगाल, असम और ओडिशा में भी लोग इसे पहनते हैं।
लुंगी सामान्यतः सूती कपड़े से बनाई जाती है, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है। कुछ लुंगियाँ रेशम या मिश्रित कपड़ों से भी बनती हैं, जिन्हें विशेष अवसरों पर पहना जाता है। यह कई रंगों और डिजाइनों में उपलब्ध होती है। चेकदार (चौखानेदार) और धारीदार लुंगियाँ बहुत लोकप्रिय हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे अलग-अलग तरीकों से बांधा जाता है।
लुंगी न केवल घर में पहनने का आरामदायक वस्त्र है, बल्कि कई स्थानों पर यह दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसान, मजदूर और सामान्य लोग इसे काम करते समय पहनते हैं क्योंकि इसमें चलना-फिरना आसान होता है। केरल में इसे “मुण्डु” भी कहा जाता है।
आज के समय में लुंगी केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि फैशन जगत में भी इसकी पहचान बढ़ी है। कई फिल्मी कलाकारों और युवाओं ने इसे आधुनिक शैली में पहनकर लोकप्रिय बनाया है। इस प्रकार, लुंगी भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक सरल, सस्ता और उपयोगी परिधान है, जो आराम और परंपरा दोनों का प्रतीक है।
Comments
Post a Comment