PADMSRI JOGESH DEURI

 

जोगेश देउरी (Jogesh Deuri)
🏅 पद्मश्री 2026 सम्मान (भारत सरकार)
श्री जोगेश देउरी को पद्मश्री 2026 के लिए चुना गया है, कृषि (Agriculture) क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए। यह सम्मान उन्हें असम से मिला है। 
👤 प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि
नाम: जोगेश देउरी (Jogesh Deuri)
वे असम के प्रसिद्ध सेरिकल्चर विशेषज्ञ (Sericulturist) हैं — यानी रेशम उत्पादन, रेशम उद्योग और खासकर पारंपरिक रेशम प्रकारों से जुड़े कृषि-व्यवसाय में विशेषज्ञ। 
देउरी असम सरकार की सेरिकल्चर विभाग में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं और उन्होंने बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) में भी डायरेक्टर ऑफ़ सेरिकल्चर (Director of Sericulture) के रूप में काम किया है। 
🧵 प्रमुख योगदान और कार्य
✔️ रेशम (Silk) क्षेत्र में अग्रणी कार्य
जोगेश देउरी भारतीय रेशम उद्योग, विशेषकर ERI सिल्क और पारंपरिक असम-रेशम के विकास में अग्रणी रहे हैं:
उन्होंने बोडोलैंड सिल्क पार्क (Bodoland Silk Park) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें
• कूकून बैंक (Cocoon Bank)
• स्पिनिंग मिल
• प्रिंटिंग यूनिट
• पॉपी प्रोसेसिंग यूनिट
शामिल हैं — यह पूरा परिसर रेशमी उत्पादों के उत्पादन और मूल्य-संवर्धन का एकीकृत मॉडल पेश करता है। 
इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रेशम उत्पादन के पूरा चक्रीय अर्थव्यवस्था मॉडल को विकसित करना है, जिससे ग्रामीण समुदायों को स्थिर आजीविका मिले। 
✔️ ERI सिल्क को बढ़ावा
देउरी ने ईरी सिल्क (Eri Silk) को वास्तव में असम और पूरे पूर्वोत्तर की पहचान तथा भविष्य की संभावनाओं वाली वस्तु बताया है, क्योंकि ईरी सिल्क पारंपरिक, टिकाऊ (sustainable) और स्थानीय लोगों की आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उनके अनुसार मुग़ा सिल्क प्रसिद्ध है, लेकिन ईरी सिल्क में भविष्य और विस्तार की अधिक संभावनाएँ हैं। 
✔️ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन
जोगेश देउरी की पहलें ग्राम-स्तर के किसानों, मजदूरों और पारंपरिक कामगारों की आजीविका को सुधारने और उन्हें आधुनिक बाजारों से जोड़ने के लिए प्रेरित रही हैं। उनके कार्य से हजारों लोगों को रोजगार और बेहतर आय के अवसर मिले हैं। 
🎖️ सम्मान और मान्यता
✔️ पद्मश्री 2026 – कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित। 
📌 क्यों महत्वपूर्ण हैं जोगेश देउरी?
🔹 असम और भारत के पारंपरिक रेशम (जैसे Eri) को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास। �
🔹 रेशम उत्पादन को एक सतत एवं ग्रामीण आजीविका सृजन क्षेत्र के रूप में विकसित करना। �
🔹 सरकारी योजनाओं, बाल विकास कार्यक्रमों, कृषि-प्रशिक्षण किनारों और कॉमन सर्विसेस तक किसानों को जोड़ना। 
📌 संक्षेप में
श्री जोगेश देउरी एक प्रतिष्ठित सेरिकल्चर विशेषज्ञ और कृषि उन्नयन कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने असम में पारंपरिक रेशम (खासकर Eri) के उत्पादन और विपणन को आधुनिक रूप दिया और ग्रामीण आजीविका एवं स्थिर आर्थिक विकास को प्रेरित किया। उनके इस योगदान को पद्मश्री 2026 से सम्मानित किया गया है। 

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