FOLK SINGER BHARAT SINGH BHARATI
PADMA SRI AWARD 2026[SRI BHARAT SINGH BHARATI]
लोकगायक भरत सिंह भारती : भोजपुरी लोकसंगीत के सशक्त स्वर
लोकगायक भरत सिंह भारती भोजपुरी लोकसंगीत की समृद्ध परंपरा के एक प्रमुख और सम्मानित प्रतिनिधि हैं। उनका जन्म वर्ष 1936 में बिहार के भोजपुर ज़िले में हुआ। बचपन से ही उन्हें लोकगीतों, लोकधुनों और ग्रामीण संस्कृति से गहरा लगाव था। यही लगाव आगे चलकर उनके जीवन का लक्ष्य बन गया।
भरत सिंह भारती को संगीत की औपचारिक शिक्षा प्रसिद्ध लोकगुरु सत्रुंजय प्रसाद से प्राप्त हुई। गुरु-शिष्य परंपरा में रहकर उन्होंने भोजपुरी लोकसंगीत की बारीकियों, गायन शैली और भाव-प्रस्तुति को आत्मसात किया। उन्होंने अपने लंबे संगीत जीवन में एक हजार से अधिक भोजपुरी लोकगीतों की रचना, संकलन और गायन किया।
उनके गीतों में भक्ति गीत, ऋतु गीत, विवाह, जन्म, पर्व-त्योहार और सामाजिक संस्कारों से जुड़े लोकगीत प्रमुख हैं। उनके गीत बिहार के ग्रामीण समाज के जीवन, संघर्ष, आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं। उनकी आवाज़ में सादगी, भावनात्मक गहराई और लोकजीवन की आत्मा स्पष्ट रूप से झलकती है।
भरत सिंह भारती का योगदान केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने लोकसंगीत को संरक्षित और प्रचारित करने का भी कार्य किया। उन्होंने नई पीढ़ी को भोजपुरी लोकसंगीत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया, जिनमें संगीत नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार और भिखारी ठाकुर स्मृति सम्मान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। ये सम्मान उनके समर्पण, साधना और लोकसंस्कृति के प्रति निष्ठा का प्रमाण हैं।
निष्कर्षतः, भरत सिंह भारती भोजपुरी लोकसंगीत की आत्मा को स्वर देने वाले ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से ग्रामीण बिहार की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया।

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