PADMSRI KEWAL KRISHAN THAKRAL

 

 डॉ. केवल कृष्ण ठाकुराल (Keval Krishna Thakral) 
📌 पद्मश्री सम्मान – 2026
डॉ. केवल कृष्ण ठाकुराल (के.के. ठकराल) को पद्मश्री 2026 (भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) चिकित्सा (Medicine) श्रेणी में सम्मानित किया गया है। 
📖 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
उनका पूरा नाम केवल कृष्ण ठकराल है। 
वे 1947 के विभाजन के समय अपने परिवार के साथ पाकिस्तान के सर्गोधा जिला से भारत आए थे। 
उनके पिता भी चिकित्सक थे, जिन्होंने शुरू से ही उनकी पढ़ाई पर ज़ोर दिया। 
उन्होंने लखनऊ के एक आयुर्वेद कॉलेज से शिक्षा ली और बाद में एमएस (Ayurveda) की डिग्री हासिल की—जहाँ वे पहले बैच के टॉपर रहे। 
आगे अपनी पढ़ाई 1964 में लखनऊ और 1968 में बनारस (वाराणसी) से पूरी की। 
🩺 करियर और योगदान
✔️ आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा (Shalya-Shalakya) में महारत
डॉ. ठकराल एक विशिष्ट आयुर्वेदिक सर्जन हैं, जिन्होंने शल्य-शालाक्य चिकित्सा में बड़ी विशेषज्ञता हासिल की। 
✔️ सामाजिक सेवा
उन्होंने अपना जीवन गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए हेल्थकेयर सेवाओं के लिए समर्पित किया
उनके लगभग 70–80% मरीज मजदूर, किसान और कम-आय वर्ग से आते हैं, जिन्हें वे कम लागत में इलाज उपलब्ध कराते हैं। 
✔️ शिक्षा और नेतृत्व
वे व्याख्याता, प्रोफेसर और चिकित्सा शिक्षा में अग्रणी रहे हैं, जिससे उन्होंने कई छात्रों और शोधकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया। 
🏆 पुरस्कार और सम्मान
📍 पद्मश्री – 2026

🧠 विचार और मान्यताएँ
डॉ. ठाकुराल के अनुसार आयुर्वेद एक ऐसी चिकित्सा प्रणाली है जो देश की परंपरा और आर्थिक सशक्तिकरण दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। 
📌 सारांश
डॉ. केवल कृष्ण ठाकुराल:
वरिष्ठ आयुर्वेदिक सर्जन
 चिकित्सा शिक्षा में अग्रणी शिक्षक
 सामाजिक स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान
 2026 में पद्मश्री पुरस्कार प्राप्तकर्ता 

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