PADMASRI DEEPIKA REDDY
दीपिका रेड्डी एक प्रतिष्ठित भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना, कोरियोग्राफर और गुरु हैं जो खासकर कुचिपुड़ी नृत्य कला के क्षेत्र में पाँच दशकों से अधिक समय से सक्रिय हैं। वह हैदराबाद, तेलंगाना से हैं और 1976 से इस कला को सीखने, सिखाने और प्रदर्शन करने में लगी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की संस्कृति का प्रभावी प्रतिनिधित्व किया है। उनके कार्यों के लिए उन्हें पहले संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार जैसे सम्मान मिल चुके हैं और हाल ही में भारत सरकार द्वारा 2026 में पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया है, जो उनके जीवन समर्पण और कला के प्रति उत्कृष्ट योगदान का प्रतीक है।
दीपिका रेड्डी ने नृत्य को न सिर्फ प्रदर्शन के रूप में बल्कि जीवन के पवित्र कार्य के रूप में अपनाया है। उन्होंने कहा है कि बचपन से ही नृत्य की ओर उनका लगाव रहा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों में भी यह उनकी पहली प्राथमिकता रही है। परिश्रम, अनुशासन और समर्पण की वजह से उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया, जिनमें स्वास्थ्य से जुड़ी बाधाएँ भी शामिल थीं, लेकिन उन्होंने हर परिस्थिति में अपने कार्यक्रमों का सम्मान किया। आज उनके शिष्यों की संख्या भारत और विदेशों में है, जो उनकी शैली और शिक्षण को आगे बढ़ा रहे हैं।
हालिया समय में पद्म श्री सम्मान मिलने पर दीपिका ने अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने अपने गुरु, परिवार और छात्रों को इस उपलब्धि का श्रेय दिया है और यह भी कहा है कि यह सम्मान सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि कुचिपुड़ी नृत्य कला को मिले सम्मान के रूप में देखा जाना चाहिए। उनका लक्ष्य अब युवा कलाकारों को प्रेरित करना और भारतीय शास्त्रीय नृत्य को विश्वभर में अधिक मजबूत रूप से स्थापित करना है।

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