REDISH PICKLE

 

मूली का अचार

मूली का अचार भारतीय खाने का एक चटपटा और स्वादिष्ट हिस्सा है। यह खट्टा, मसालेदार और हल्का तीखा होता है, जो भोजन के स्वाद को और भी बढ़ा देता है। मूली स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है, क्योंकि इसमें फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह पाचन में सहायक होती है और सर्दियों में विशेष रूप से पसंद की जाती है।

मूली का अचार बनाने की विधि:

मूली का अचार बनाने के लिए सबसे पहले ताजी और सफेद मूली ली जाती है। इसे अच्छे से धोकर छील लिया जाता है और पतले या मोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है। फिर मूली के टुकड़ों को हल्का नमक लगाकर कुछ घंटों के लिए धूप में रख दिया जाता है, ताकि इनमें मौजूद अतिरिक्त नमी निकल जाए।

इसके बाद अचार के लिए मसाले तैयार किए जाते हैं। इसमें सरसों, मेथी, सौंफ, अजवाइन, हल्दी, नमक, लाल मिर्च पाउडर और हींग को हल्का भूनकर पाउडर बना लिया जाता है। इन मसालों को मूली के टुकड़ों में अच्छे से मिलाया जाता है। इसके बाद इसमें नींबू का रस या सिरका मिलाया जाता है, जिससे अचार का स्वाद बढ़ जाए और यह लंबे समय तक सुरक्षित रहे। फिर इसमें सरसों का तेल डाला जाता है, जिससे अचार का शेल्फ लाइफ बढ़ जाता है।

अचार का संग्रहण:

अचार को कांच के जार में भरकर 3-4 दिनों तक धूप में रखा जाता है, ताकि मसाले मूली में अच्छी तरह समा जाएँ और इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाए।

स्वाद और फायदे:

मूली का अचार खाने में खट्टा-चटपटा और हल्का तीखा होता है। यह परांठे, पूरी और दाल-चावल के साथ बहुत अच्छा लगता है। यह न केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि पाचन को सुधारने और भूख बढ़ाने में भी मदद करता है। यही कारण है कि यह भारतीय भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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