CURRENCY NOTE PRINTING POLICY OF RBI

 भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मुद्रा नोट छपाई नीति

भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) देश में कागज़ी मुद्रा (Currency Notes) जारी करने और उसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने वाला केंद्रीय प्राधिकरण है। भारतीय संविधान और RBI अधिनियम, 1934 के अंतर्गत देश में ₹2 से ₹2000 तक के नोट जारी करने का अधिकार RBI के पास है, जबकि ₹1 का नोट भारत सरकार द्वारा जारी किया जाता है।

RBI की मुद्रा नोट छपाई नीति का मुख्य उद्देश्य पर्याप्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मुद्रा की उपलब्धता बनाए रखना है। इस नीति के अंतर्गत यह तय किया जाता है कि किस वर्ष कितने मूल्यवर्ग (Denomination) के कितने नोट छापे जाएंगे। यह निर्णय देश की आर्थिक स्थिति, नकदी की मांग, पुराने और क्षतिग्रस्त नोटों की वापसी तथा डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखकर लिया जाता है।

मुद्रा छपाई का वास्तविक कार्य RBI स्वयं नहीं करता, बल्कि यह काम उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्रा. लि. (BRBNMPL) तथा भारत सरकार की इकाई सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SPMCIL) द्वारा किया जाता है। देश में नोट मुद्रण प्रेस नासिक, देवास, मैसूर और सालबोनी में स्थित हैं।

RBI की नीति में नकली नोटों पर रोक एक प्रमुख पहलू है। इसलिए नए नोटों में वॉटरमार्क, सुरक्षा धागा, माइक्रो लेटरिंग, रंग बदलने वाली स्याही और उभरी छपाई जैसे उन्नत सुरक्षा फीचर शामिल किए जाते हैं। समय-समय पर डिजाइन और सुरक्षा तत्वों में बदलाव भी किए जाते हैं।

इसके अलावा, RBI स्वच्छ नोट नीति (Clean Note Policy) अपनाता है, जिसके तहत गंदे, कटे-फटे और अनुपयोगी नोटों को धीरे-धीरे चलन से बाहर किया जाता है और नए नोट जारी किए जाते हैं।

निष्कर्षतः, RBI की मुद्रा नोट छपाई नीति देश की आर्थिक स्थिरता, लेन-देन की सुगमता और मुद्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Comments

Popular posts from this blog

SHIVAJEE PARK ,KANKARBAGH PATNA

MAHUA BAGH GHAZIPUR